अल्मोड़ा: डिजिटल ‘हाउस अरेस्ट’ के नाम पर की थी आठ लाख से अधिक की साइबर ठगी, पुलिस ने हरियाणा से दबोचा शातिर आरोपी


अल्मोड़ा: खुद को जांच एजेंसी का अफसर बताकर और ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर ₹8.80 लाख ठगने वाले गिरोह का अल्मोड़ा पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

एसएसपी चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में भतरौजखान थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को हरियाणा के सिरसा जिले से गिरफ्तार कर लिया है।‌ भतरौजखान थाना क्षेत्र के ग्राम धारड़ निवासी जीवन सिंह रावत ने पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर उन्हें आतंकवाद के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में रखा और जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे कुल ₹8.80 लाख अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 308(6) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। एसएसपी द्वारा गठित टीम ने साइबर और सर्विलांस सेल की मदद से मामले का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आरोपी रंजोत सिंह (पुत्र दर्शन सिंह), निवासी ग्राम जगमलवाली, थाना कालांवाली/सिरसा (हरियाणा) की भूमिका सामने आई। भतरौजखान थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के नेतृत्व में उप-निरीक्षक संजय जोशी, हेड कांस्टेबल राजाराम और प्रकाश सिंह की टीम ने हरियाणा में छापेमारी कर आरोपी रंजोत सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
​ऐसे बिछाया जाल

10 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सएप पर संदेश और कॉल आई। कॉलर ने खुद को ‘ATS पुणे’ का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया।ठगों ने व्हाट्सएप पर फर्जी अदालती आदेश और कानूनी दस्तावेज भेजकर गिरफ्तारी की धमकी दी। वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को चौबीसों घंटे निगरानी में रखा गया। उन्हें किसी से बात न करने और हर घंटे अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया, जिससे पीड़ित बुरी तरह डर गए। ठगों ने पीड़ित के फोन में अपनी ई-मेल आईडी लॉगिन करवाकर Google Pay और बैंक खातों (SBI व यूनियन बैंक) को अपने नियंत्रण में लिया। 18 मार्च से 31 मार्च के बीच डरा-धमकाकर 9 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹8,80,000 ऐंठ लिए।