अल्मोड़ा: बुजुर्ग को किया ‘डिजिटल अरेस्ट’, आतंकी बताकर 20 दिन तक बनाया बंधक, ठगे 8.8 लाख रूपए

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले में साइबर अपराध का एक मामला सामने आया है। यहां भतरौंजखान के धारड़ गांव निवासी एक बुजुर्ग को आतंकवाद के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर साइबर ठगों ने 8.8 लाख रुपये ठग लिए।

पुलिस में दी तहरीर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित (निवासी ग्राम धारड़, पंतगांव) के अनुसार, यह घटना 10 मार्च 2026 को शुरू हुई। उनके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया, जिसमें भेजने वाले ने खुद को एटीएस विभाग पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। ठग ने दावा किया कि बुजुर्ग का मोबाइल नंबर आतंकवादियों से जुड़ा है और उससे संदिग्ध लेनदेन हुआ है। विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने फर्जी केस नंबर, आतंकवादियों की तस्वीरें और कुछ जाली कानूनी दस्तावेज भी भेजे। ठगों ने बुजुर्ग को इस कदर डरा दिया कि उन्हें किसी को भी जानकारी देने से मना कर दिया गया। पीड़ित को बताया गया कि उनका फोन सर्विलांस पर है। साथ ही ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि वे हर घंटे उन्हें मैसेज भेजकर लिखें— ‘I am safe, National secret is safe’ (मैं सुरक्षित हूँ, राष्ट्रीय रहस्य सुरक्षित है)।‌ जांच के नाम पर ठगों ने बुजुर्ग से गूगल-पे अकाउंट बनवाया और उनके बैंक कार्ड सक्रिय करवाए। 18 मार्च से 31 मार्च के बीच, अलग-अलग बहानों से कुल नौ बार में 8.8 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस में तहरीर दी।

हो रही जांच

थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है