अल्मोड़ा: मेहनत से बदला दौर: देवेंद्र सिंह ने पहाड़ में लिखा स्वरोजगार का नया अध्याय, एक तालाब से शुरू कर अब 4 तालाबों में कर रहे मत्स्य पालन

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के ताकुला विकासखंड का पाटिया गांव अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गया है। यहां गांव के निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र पान सिंह ने कड़ी मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सही इस्तेमाल से मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का सफल जरिया बना लिया है।

मत्स्य पालन को बनाया आजीविका का जरिया

वर्ष 2023-24 में महज एक तालाब से मछली पालन की शुरुआत करने वाले देवेंद्र आज चार तालाबों के मालिक हैं। उनकी इस मेहनत और लगन को देखते हुए मत्स्य विभाग ने जिला योजना (2025-26) के तहत उन्हें तीन अतिरिक्त तालाबों के निर्माण का लाभ दिया।‌ देवेंद्र ने परंपरागत तरीके से हटकर वैज्ञानिक तकनीक को अपनाया। उन्हें ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत प्रशिक्षण मिला, जिसमें तालाब प्रबंधन, सही प्रजाति के चयन और उन्नत आहार की बारीकियां सीखने को मिलीं। वर्तमान में वे लगभग 550 घन मीटर जल क्षेत्र में ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प, कॉमन/आमूर कार्प और रोहू जैसी प्रजातियों का पालन कर रहे हैं।

सालाना इतना उत्पादन

जिसमें प्रतिवर्ष लगभग 3.00 से 3.50 कुंतल ताजी मछली का उत्पादन हो रहा है। एक वर्ष में ग्रास कार्प और आमूर कार्प 1.00 से 1.50 किलोग्राम तक का वजन हासिल कर लेती हैं।कफड़खान और दीनापानी क्षेत्र के होटल व्यवसायियों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को सीधी बिक्री। इससे परिवहन खर्च बचता है और मुनाफा बढ़ता है। देवेंद्र सिंह न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य ग्रामीणों और युवाओं को भी विभागीय सम्मेलनों व गोष्ठियों के माध्यम से मत्स्य पालन अपनाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।