July 3, 2022

अल्मोड़ा: हाई रिस्क गर्भवतियों को जांच के लिए अस्पताल पहुंचाने पर आशाओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, जानें

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मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रहीं है।  इसी के तहत अब मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को हाई रिस्क गर्भवतियों को जांच के लिए हर माह की नौ तारीख को अस्पताल पहुंचाने पर आशाओं को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। निर्देश मिलने के बाद विभाग ने भी इसके लिए तैयारी कर ली है।

अस्पताल में जांच के लिए प्रेरित करने पर आशाओं को 100 रुपया प्रतिमाह

दरअसल, पर्वतीय जिलों में कई बार गर्भवतियां समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती है। कई गर्भवतियां नियमित जांच तक को अस्पताल नहीं पहुंचती। इससे की कई बीमारियों का समय पर पता नहीं चल पाता है। ऐसे में प्रसव के समय कई बार मां और बच्चे की जान पर बन आती है। वहीं अब इसी समस्या के हल के लिए हाई रिस्क गर्भवतियों को हर माह की नौ तारीख को नजदीकी अस्पताल और स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जांच के लिए मोबालाइज करने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अधिकतम तीन बार जांच को लाने पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत यह राशि दी जाएगी। वहीं हाई रिक्स के अलावा किसी भी गर्भवती को अस्पताल में जांच के लिए प्रेरित करने पर आशाओं को 100 रुपया प्रतिमाह दिया जाएगा। योजना के तहत प्रसव के 45 दिन बाद आशाओं को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

हाई रिस्क श्रेणी क्या होगी

जिन गर्भवतियों का 7 ग्राम से भी कम होमोग्लोबिन, जिनका कद छोटा हो, जिनको बीपी की दिक्कत हो। वह गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क की श्रेणी में शामिल की जाती हैं।

हर महीने की नौ तारीख को जांच के लिए अस्पताल पहुंचाने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी

दीपक भट्ट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम ने कहा कि हाई रिस्क गर्भवतियों को हर महीने की नौ तारीख को जांच के लिए अस्पताल पहुंचाने वाली आशाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अधिकतम तीन बार यह राशि दी जाएगी।