अल्मोड़ा: धनतेरस पर अल्मोड़ा के बाजारों में छाई रौनक, 35 करोड़ का हुआ रिकॉर्ड कारोबार, व्यापारियों के खिले चेहरे

​अल्मोड़ा: धनतेरस के पावन अवसर पर अल्मोड़ा का व्यापारिक परिदृश्य पूरी तरह गुलजार नजर आया। नगर के मुख्य बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे व्यापारियों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।

इतने करोड़ का कारोबार

जानकारी के अनुसार कारोबारियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस बार धनतेरस पर जिले में करीब 35 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 करोड़ रुपये अधिक है। आज शुक्रवार को शुभ मुहूर्त के साथ ही सुबह से शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। लाला बाजार, चौक बाजार, जौहरी बाजार, बाटा चौक, लोहाशेर बाजार, कारखाना बाजार, कचहरी बाजार और धारानौला समेत सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में देर शाम तक पैर रखने की जगह नहीं बची।


​ऑटोमोबाइल सेक्टर में रही सबसे ज्यादा ‘धनवर्षा’

​इस धनतेरस ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने बिक्री के नए कीर्तिमान स्थापित किए। मारुति शोरूम के मैनेजर हीरा सिंह बिष्ट के अनुसार, अकेले उनके नेटवर्क से जिले भर में लगभग 10 करोड़ रुपये की गाड़ियाँ बिकीं, जिसमें धनतेरस के दिन 28 चौपहिया वाहनों की डिलीवरी दी गई। होंडा शोरूम संचालक दीपक ने बताया कि इस बार 65 से अधिक स्कूटी और बाइक की बिक्री हुई। इसके अलावा हीरो, बजाज, टीवीएस और रॉयल एनफील्ड के शोरूमों पर भी ग्राहकों का तांता लगा रहा। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कुल मिलाकर 18 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया।

​इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक गैजेट्स की बंपर बिक्री

​इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मांग में इस बार जबरदस्त उछाल देखा गया। ग्राहक एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन के साथ-साथ स्मार्टफोन, लैपटॉप और modern gadgets खरीदने में विशेष रुचि दिखाते नजर आए। कचहरी बाजार स्थित प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबारी प्रकाश रावत ने बताया कि पिछले सालों की तुलना में इस बार कारोबार काफी बेहतर रहा। शहर में लगभग 30 लाख रुपये और पूरे जिले में 2 करोड़ रुपये से अधिक के इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे गए।


उमड़ा जनसैलाब

​परंपरा के अनुसार बर्तनों की खरीदारी के लिए दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। ग्राहकों ने तांबे, पीतल और स्टील के बर्तन, गिलास, चम्मच, कटोरे, डिनर सेट और मूर्तियों की जमकर खरीदारी की। कारखाना बाजार के बर्तन व्यापारी संजीव अग्रवाल ‘टीटू’ ने बताया कि विभिन्न उत्पादों पर दी गई छूट के चलते बाजार में उत्साह रहा और अकेले बर्तन क्षेत्र में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान है।
​मिठाइयों की मिठास और पटाखों का क्रेज

मालरोड स्थित मिठाई दुकानों पर दिन भर ग्राहकों का जमावड़ा रहा। मिष्ठान विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह पवार के अनुसार, खोये, छेने और देसी घी की मिठाइयों की भारी बिक्री हुई, जिनमें बंगाली और चॉकलेट मिठाइयां सबसे आगे रहीं। मिठाइयों के दाम 440 से 580 रुपये प्रति किलो तक रहे। एसएसजे के सिमकनी और एडम्स इंटर कॉलेज मैदान में लगाई गई 100 से अधिक आतिशबाजी दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। इस बार रोशनी और म्यूजिक का अहसास कराने वाला ‘बीयर अनार पटाखा’ मुख्य आकर्षण केंद्र बना हुआ है, हालांकि महंगाई के चलते पटाखों के दामों में 10 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


​महंगाई से सर्राफा बाजार की चमक फीकी

​जहां एक तरफ अन्य सभी बाजारों में उत्साह देखने को मिला, वहीं सोने और चांदी की रिकॉर्ड कीमतों के कारण सर्राफा बाजार कुछ सुस्त नजर आया। सर्राफा व्यापारी व होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वर्मा ने बताया कि कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के कारण इस बार ग्राहकों ने सोने-चांदी के आभूषणों और सिक्कों में कम दिलचस्पी दिखाई, जिससे सराफा कारोबार पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा फीका रहा।
​कुल मिलाकर, धनतेरस पर अल्मोड़ा का बाजार पूरी तरह से गुलजार रहा। बंपर बिक्री से उत्साहित व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि व्यापार का यह सकारात्मक रुझान दीपावली तक जारी रहेगा।