अल्मोड़ा: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने एक बेहतरीन पहल की है। IIT रुड़की द्वारा संचालित ‘अनुगूंज’ (Anugoonj) परियोजना और ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (ग्रामोत्थान रीप) के संयुक्त तत्वावधान में अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक में पांच दिवसीय “बेकरी प्रोडक्ट्स एवं व्यवसाय प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस विशेष कार्यक्रम की परिकल्पना जिला परियोजना प्रबन्धक हरीश तिवारी, IIT रुड़की के वास्तुकला विभाग की प्रोफेसर अवलोकिता अग्रवाल और TIDES Business Incubator के सीईओ आज़म अली ख़ान के प्रयासों से साकार हुई है। इस पांच दिवसीय कार्यशाला में स्थानीय प्रतिभागियों को आधुनिक बेकरी उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। IIHM अल्मोड़ा के पूर्व प्रोफेसर और बेकरी विशेषज्ञ संजीव सनवाल के मार्गदर्शन में ग्रामीणों ने निम्नलिखित उत्पाद बनाने की बारीकियाँ सीखीं। जिसमें गार्लिक ब्रेड, ब्रेड स्टिक और ब्रेड रोल, वॉलनट एवं खजूर केक, प्लम केक और मफिन्स, क्रीम रोल, डेनिश पेस्ट्री, फैन और मेल्टिंग मोमेंट बिस्किट शामिल रहें।प्रशिक्षण के दौरान कच्चे माल के चयन से लेकर स्वाद, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI) और बेहतरीन प्रस्तुति (Presentation) पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने चखा स्वाद
कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना प्रबन्धक हरीश चंद्र तिवारी, सहायक प्रबन्धक (वैल्यू चैन) गोपाल सिंह चबड़ाल और सहायक प्रबन्धक (लाइवलीहुड) सुनील जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए बेकरी उत्पादों का स्वाद चखा और उनकी सराहना की। साथ ही, उन्होंने बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए उत्पादों की पैकेजिंग को और आकर्षक बनाने के सुझाव भी दिए। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस कार्यक्रम में केवल उत्पाद बनाना ही नहीं, बल्कि व्यापार चलाने का हुनर भी सिखाया गया। व्यवसाय विशेषज्ञ अरुण अधिकारी (MUY) ने प्रतिभागियों को बिजनेस के इन महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू कराया। जिसमें उत्पाद की लागत का निर्धारण (Costing & Pricing) और प्रॉफिट मार्जिन तय करना, डिजिटल और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, FSSAI लाइसेंस, फूड प्रोडक्ट टेस्टिंग और शेल्फ लाइफ की जानकारी दी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
IIT रुड़की की ‘अनुगूंज’ परियोजना का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित और स्केलेबल मॉडल के जरिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण समुदायों द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
रहें उपस्थित
इस सफल आयोजन के अवसर पर रीप ग्रामोत्थान से नीरज मलवाल, भारत गैरोला और IIT रुड़की से लक्षित सैनी, पारीतोष शर्मा, विद्या पटेल समेत शगुन जोशी, अभिषेक नेगी, रेनू भोजक और तारा मेहता जैसे कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।