August 14, 2022

अल्मोड़ा: भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का संबंध , दोनों के समाज, संस्कृति, कलाएं अध्ययन करने योग्य – प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी

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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय,अल्मोड़ा के इतिहास,समाजशास्त्र एवं हिंदी विभाग और सेवा इंटरनेशनल-अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद (नेपाल अध्ययन केंद्र), नई दिल्ली  के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 27,28,29 जून 2022 को होने वाले ‘इंडो नेपाल रिलेशन्स एंड उत्तराखंड इंडिया:शेयर्ड हिस्ट्री एंड कल्चर’ विषयक तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सेमिनार को लेकर आज जंतु विज्ञान विभाग के सभागार में प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी एवं अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद (नेपाल अध्ययन केंद्र), नई दिल्ली के डॉ लवी त्यागी ने प्रेस वार्ता की।

नवसृजित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में शोध की काफी संभावनाएं हैं- कुलपति प्रो भंडारी

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो भंडारी ने कहा कि पहाड़ी राज्य में नवसृजित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में शोध की काफी संभावनाएं हैं। जब से विश्वविद्यालय बना है तबसे हम विश्वविद्यालय में  बेहतर कार्य कर रहे हैं।  इसी क्रम में हम भारत और नेपाल  के बीज साझा संस्कृति, समाज, इतिहास, कला, लोककला आदि बिंदुओं पर अंतराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रहे हैं।

भविष्य में हम नेपाली एवं तिब्बत की भाषाओं का पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं

इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में विभिन्न देशों के अकादेमिक सदस्य, रिसर्चर, अध्येता चिंतन करेंगे। भविष्य में हम नेपाली एवं तिब्बत की भाषाओं का पाठ्यक्रम तैयार कर रहे हैं। हमारे विद्यार्थी, शोधार्थी एवं शोध अध्येता भारत-नेपाल की संस्कृति, समाज, कला आदि को लेकर शोध एवं अध्ययन करेंगे।

भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का संबंध

उन्होंने कहा  कि भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का संबंध है। दोनों के समाज, संस्कृति, कलाएं आज भी अध्ययन करने योग्य हैं, जिनपर अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद (नेपाल अध्ययन केंद्र) के सहयोग से इतिहास, समाज, संस्कृति के आदान-प्रदान आदि पर विस्तार मंथन होगा। उन्होंने बताया कि जर्मनी, नेपाल, अमेरिका, पोलैंड आदि देशों से अकादेमिक सदस्य इस सेमिनार में भागीदारी कर रहे हैं।

इतनी संख्या में अकादेमिक सदस्यों का जुटना विश्वविद्यालय के लिए गर्व करने योग्य

अंतराष्ट्रीय सहयोग परिषद (नेपाल अध्ययन केंद्र), नई दिल्ली के डॉ लवी त्यागी ने कहा की तीन दिवसीय सेमिनार में देश- विदेश के अकादेमिक सदस्य भाग ले रहे हैं जो हमारे विद्यार्थियों को जानकारियां देंगे। इतनी संख्या में अकादेमिक सदस्यों का जुटना विश्वविद्यालय के लिए गर्व करने योग्य है। विश्वविद्यालय के सहयोग से हम  एक बहुत बड़ा सेमिनार कराने जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं स्थानीय आयोजक सदस्यों का आभार जताया।

27 जून को अपराह्न 2 बजे होगा उदघाटन

ज्ञातव्य है कि इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में गणमान्य व्यक्तियों, विद्वानों, शोधकों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है। विभिन्न तकनीकी सत्रों में भारत एवं अन्य देशों के रिसर्चर भारत-नेपाल के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, साहित्यिक आदि पहलुओं पर शोध पत्रों को पढ़ेंगे। अंतराष्ट्रीय सेमिनार में जर्मनी, फ्रांस, यूएसए,, पोलैंड, रसिया, नेपाल और भारत के विशेषज्ञ/विद्वान सेमिनार में भागीदारी कर मंथन करेंगे।
सेमिनार के स्थानीय सचिव प्रो वी डी एस नेगी ने कहा कि 27 को अपराह्न 2 बजे उदघाटन होगा। उन्होंने जंतु विज्ञान विभाग में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार  की तैयारियों को लेकर जानकारी दी।

ये रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में प्रो जगत सिंह बिष्ट (निदेशक, शोध एवं प्रसार), सआयोजक सचिव प्रो विद्याधर सिंह नेगी, कुलसचिव डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ नंदन सिंह बिष्ट (निदेशक, NRDMS),डॉ चंद्र प्रकाश फुलोरिया, श्री लियाकत अली (विश्वविद्यालय क्रीड़ा अधिकारी), डॉ ललित जोशी (विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी), डॉ गोकुल देवपा, डॉ लक्ष्मी वर्मा, प्रेमा बिष्ट, रवि कुमार, चंदन जीना आदि के साथ काफी संख्या में मीडिया बंधु उपस्थित रहे।