अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। धौलादेवी ब्लाॅक के पोखरी और स्याल्दे के बुरांशपानी को आखिरकार अपने प्रधान मिल गए हैं।
यह बनें प्रधान
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को दोनों ग्रामसभाओं के उपचुनाव के तहत मतगणना पूरी हुई। इस दौरान पोखरी में गीता टम्टा और बुरांशपानी में दयाल के सर प्रधान का ताज सजा। पोखरी में गीता टम्टा ने अपने प्रतिद्वंदी चंपा को 90 मतों से हराया। गीता को 188 मत मिले, जबकि चंपा ने 98 मत प्राप्त किए। यहां 10 मत निरस्त हुए। बुरांशपानी में दयाल ने प्रतिद्वंदी लक्ष्मण को 46 मतों से हराया। दयाल को 162 और लक्ष्मण को 116 मत प्राप्त हुए। मतगणना के बाद दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
उपचुनाव में हुए इतने नामांकन
दरअसल 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद इन दिनों प्रदेश में तीसरी बार उप चुनाव हुए। जिले में बीडीसी विहीन चार और प्रधान विहीन 16 ग्राम सभाओं में चुनाव का बिगुल बजा। प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए कुल 19 नामांकन हुए थे। पांच ग्राम सभाओं और दो बीडीसी सीटों पर प्रधान व बीडीसी निर्विरोध चुने गए। प्रधान पद के लिए मात्र धौलादेवी ब्लाक के पोखरी में प्रधान पद के लिए गीता टम्टा और चंपा देवी वहीं स्याल्दे के बुरांशपानी में दयाल सिंह और लक्ष्मण सिंह के बीच सीधा मुकाबला रहा। मतदान के बाद शनिवार को ब्लाॅक स्तर पर मतगणना हुई।
09 ग्रामसभाएं और 02 बीडीसी सींट अब भी खाली
वहीं जिले में तीन उप चुनाव के बाद भी नौ ग्रामसभाएं और दो बीडीसी क्षेत्र प्रतिनिधि विहीन रह गए हैं। धौलादेवी के तोली, ताकुला के पोखरी, ताड़ीखेत के हड़ोली, सलोनी, नैटी, सल्ट के जालीखान, स्याल्दे के गुदलेख, द्वाराहाट के कांडे, लमगड़ा के सुरचौड़ा प्रधान विहीन रह गए हैं। इन ग्रामसभाओं में एक भी नामांकन नहीं हुआ था। जबकि दो बीडीसी सीटें भी खाली रह गई हैं।