अल्मोड़ा: नंदा देवी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, 17 सितंबर को कदली वृक्षों को निमंत्रण, 18 सितंबर को नगर भ्रमण के बाद बनेगी मां की भव्य मूर्ति

अल्मोड़ा: ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध मां नंदा देवी मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी 16 सितंबर से शुरू हो रहे इस मेले के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों और कदली (केले) वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति निर्माण की परंपरा को लेकर रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक का आयोजन

इस बैठक में मेले की धार्मिक व्यवस्थाओं को भव्य और परंपरागत स्वरूप में संपन्न कराने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने कदली वृक्षों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। मंदिर समिति ने बताया कि नंदा देवी मेले में कदली वृक्षों को निमंत्रण देने से लेकर नगर भ्रमण और प्रतिमा निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र रहती है। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि अल्मोड़ा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है।
​मंदिर समिति ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से 17 और 18 सितंबर को आयोजित होने वाले इन पवित्र कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर मां नंदा देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
• ​17 सितंबर (शाम 4:00 बजे): मंदिर समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु कदली वृक्षों को निमंत्रण देने के लिए पांडे खोला पहुंचेंगे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर वृक्षों को मेले में आने का पारंपरिक निमंत्रण दिया जाएगा।
• ​18 सितंबर (प्रातः 6:00 बजे): कदली वृक्षों को धूमधाम और ढोल-नगाड़ों के साथ अल्मोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा।
• ​मूर्ति निर्माण: मंदिर परिसर पहुंचने के बाद इन्हीं पवित्र कदली वृक्षों से मां नंदा देवी की भव्य और दिव्य प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

रहे मौजूद

निरीक्षण व बैठक के दौरान मंदिर व्यवस्थापक अनूप शाह, पुजारी प्रमोद पाठक, शेखर चन्द्र मिश्रा, मारुत शाह, पार्षद अमित साह ‘मोनू’, पार्षद अभिषेक जोशी, मनीष पाठक, मोहन पाण्डेय, कमलेश जोशी, नवीन बेलवाल, जगदीश उपाध्याय, नवीन पाण्डेय, दीवान बिष्ट, दीपक पाण्डेय, मोहन जोशी और हेमलता पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।