अल्मोड़ा: स्मैक तस्करी का आरोप बेबुनियाद, एनडीपीएस अदालत ने अभियुक्त को किया दोषमुक्त

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) अल्मोड़ा ने साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की कार्यवाही में गंभीर खामियां पाते हुए अभियुक्त नादिर खान पूत्र नाजिम खान, निवासी मोहल्ला भट्टीखोला, वार्ड नबर-10, बिलासपुर, रामपुर उत्तर प्रदेश को दोषमुक्त कर दिया है। अभियुक्त की ओर से विद्वान अधिवक्ता इमरोज़ खान व भगवती प्रसाद पंत ने पैरवी की।

जानें पूरा मामला

अभियोजन के अनुसार, 6 फरवरी 2021 को एसओजी (SOG) और कोतवाली अल्मोड़ा की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बेस तिराहे के पास नादिर खान को पकड़ा था। पुलिस ने दावा किया था कि तलाशी के दौरान उसके पास से 105.60 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। फैसले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की कहानी पर कई बड़े सवाल खड़े किए। जिसमें एसओजी और पुलिस टीम के रवानगी से संबंधित जनरल डायरी (जीडी) और सरकारी वाहन की लॉगबुक को विधिवत साबित नहीं किया जा सका। घटना स्थल जो एक सार्वजनिक मार्ग था और वहां वाहनों की भीड़ थी, फिर भी पुलिस ने कोई स्वतंत्र गवाह नहीं जुटाया। पुलिसकर्मियों के पास स्मार्टफोन होने के बावजूद गिरफ्तारी या बरामदगी की कोई वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी नहीं की गई। एनडीपीएस एक्ट की धारा 52-ए के तहत मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बरामद माल का वजन करने, इन्वेंट्री तस्दीक करने या नमूने लेने की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नमूना मोहर (सैंपल सील) और मालखाने में जमा माल की प्रविष्टियों में गंभीर विरोधाभास पाया गया।

अदालत का निर्णय

न्यायाधीश श्रीकांत पांडेय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप को संदेह से परे सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा है। इसके साथ ही, अदालत ने आरोपी नादिर खान को तुरंत जिला कारागार से रिहा करने का आदेश दिया है। जिस पर अभियुक्त को पांच साल बाद बरी करने के आदेश दिए हैं।