अल्मोड़ा: सुर-ताल की महफिल में थमी शाम, उस्ताद आफ़ाक़ हुसैन ख़ाँ की स्मृति में भव्य समारोह संपन्न

अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के शारदा पब्लिक स्कूल के प्रेक्षागृह में रविवार, 10 मई को शास्त्रीय संगीत का आयोजन किया गया।

समारोह का आयोजन

इस मौके पर लखनऊ घराना तबला के प्रख्यात ख़लीफ़ा उस्ताद आफ़ाक़ हुसैन ख़ाँ साहब की स्मृति में आयोजित इस भव्य ‘शास्त्रीय संगीत समारोह 2026’ ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विशिष्ट अतिथि उस्ताद इल्मास हुसैन ख़ाँ साहब एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत, शारदा पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

संगीत साधकों का किया गया सम्मान

​कला और संगीत के प्रति समर्पण के लिए आयोजन समिति ने क्षेत्र की विभूतियों को सम्मानित किया। संगीत जगत में विशेष उपलब्धियों और निरंतर सहयोग के लिए लता पांडे, पंडित चन्द्रशेखर तिवारी, प्रभात शाह और निर्मल पंत को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह की सांस्कृतिक यात्रा गुरु-शिष्य परंपरा के अद्भुत दर्शन के साथ शुरू हुई। जिसमें अल्मोड़ा के राजेंद्र नयाल और सुनील कुमार के शिष्यों ऋतु जोशी और राजकुमार ने तबले पर ऐसी जुगलबंदी पेश की कि दर्शक तालियाँ बजाने पर मजबूर हो गए। लखनऊ से पधारीं प्रसिद्ध गायिका रश्मि चौधरी के गायन ने शाम को आध्यात्मिक ऊँचाई दी। उनके साथ तबले पर स्वयं उस्ताद इल्मास हुसैन ख़ाँ ने संगत की। हारमोनियम पर अयोध्या के दिनकर द्विवेदी और तानपुरे पर ऋतु जोशी व नेहा मुनगली ने साथ दिया।

पंडित योगेश समसी के तबला वादन से समापन

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुंबई से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादक पंडित योगेश समसी का एकल वादन रहा। उनकी उंगलियों की थाप और कौशल ने प्रेक्षागृह में मौजूद हर श्रोता को मंत्रमुग्ध कर दिया।

किया संचालन

​इस सफल आयोजन के पीछे पंकज कुमार चौधरी, शेखर लखचौरा, विनीता शेखर, राघव पंत, अशोक पांडेय, राजेंद्र सिंह नयाल और सुनील कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन माधुरी केड़ा और भास्कर साह द्वारा किया गया।