अल्मोड़ा: मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल में पानी की किल्लत, आपातकालीन सेवाओं के लिये डॉक्टरों और स्टाफ को ढोना पड़ रहा पानी

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल में इन दिनों भीषण पेयजल संकट चल रहा है। लाइन में फॉल्ट आने से आए दिन अस्पताल में पेयजल आपूर्ति चरमरा रही है। हालात ये हैं कि कई बार आपातकालीन स्थितियों में डॉक्टरों और स्टाफ को भी पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दरअसल, बेस अस्पताल के लिए लमगड़ा से पेयजल लाइन आई है। लाइन बेहद जर्जर हो चुकी है। इसके चलते आए दिन लाइन टूट रही है। इससे बेस अस्पताल में पेयजल संकट गहरा रहा है। बीते दिनों पानी नहीं आने पर स्टाफ ने बाहर टैंकर से पानी ढोकर ओटी का कार्य सुचारू कराया। इससे स्टाफ और मरीजों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही है।

डिमांड का 15 फीसद पानी ही हो रहा उपलब्ध

अल्मोड़ा बेस अस्पताल में हर रोज .7 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। इसके सापेक्ष लमगड़ा के जलना से आई लाइन से इस अस्पताल को महज .1 एमएलडी पानी मिल पाता है। ये लाइन इतनी जर्जर हो चुकी है कि अक्सर इसके पाइप फटते रहते हैं। पाइप फटने के बाद मौके पर पहुंचकर लाइन दुरुस्त करने में एक-दो दिन का समय लग जाता है। इसके चलते बेस अस्पताल में पानी की किल्लत पैदा हो रही है।

जब तक मटेला योजना पूरी नहीं होती तब तक बेस अस्पताल में पानी की किल्लत

केडी भट्ट, ईई जल निगम अल्मोड़ा का कहना है कि
बेस अस्पताल में डिमांड के सापेक्ष महज 15-20 फीसद पानी मिल पा रहा है। लाइन बेहद जर्जर हो चुकी है। जब तक मटेला योजना पूरी नहीं होती तब तक बेस अस्पताल में पानी की किल्लत दूर नहीं हो सकती है। मटेना से नई योजना बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जल्द ही बेस अस्पताल में पेयजल समस्या दूर की जाएगी।