अल्मोड़ा: जब संवेदनशीलता ने गढ़ी मिसाल- अल्मोड़ा में दिव्यांगों के सच्चे हमदर्द बने डीएम अंशुल सिंह

अल्मोड़ा जिले में इन दिनों प्रशासनिक दक्षता और मानवीय संवेदना की एक अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। यहाँ के जिलाधिकारी अंशुल सिंह (IAS) अपनी कार्यशैली के चलते आम जनता, विशेषकर समाज के उपेक्षित और दिव्यांग वर्ग के लिए ‘उम्मीद की एक नई किरण’ बन चुके हैं। उनकी इसी जनहितैषी और प्रेरणादायक कार्यशैली से प्रभावित होकर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के दिव्यांग छात्र सौरभ तिवारी ने उनके सम्मान में एक बेहद भावुक और सुंदर स्वरचित कविता समर्पित की है।

2018 बैच के युवा आईएएस अधिकारी

​प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों से अक्सर औपचारिकता की उम्मीद की जाती है, लेकिन 2018 बैच के युवा आईएएस अधिकारी अंशुल सिंह ने सुशासन की एक ऐसी परिभाषा गढ़ी है जहाँ जनसेवा ही सर्वोपरि है। अल्मोड़ा में कार्यभार संभालने के बाद से ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। दिव्यांगजनों के प्रति उनकी विशेष सहानुभूति और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का उनका प्रयास न केवल प्रशासनिक स्तर पर सराहनीय है, बल्कि यह समाज के अन्य जिम्मेदारों के लिए भी एक बड़ा संदेश है।

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के दिव्यांग छात्र सौरभ तिवारी ने जिलाधिकारी के इसी सेवाभाव और मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित होकर एक मार्मिक और प्रेरणादायक स्वरचित कविता के माध्यम से उनका आभार व्यक्त किया है।


​दिव्यांग सौरभ तिवारी की कलम से: डीएम अंशुल सिंह को समर्पित आदर

​अल्मोड़ा की धरती ने देखा, एक ऐसा अधिकारी महान,
दिव्यांग भाई-बहनों के लिए, बने उम्मीद की पहचान।
श्री अंशुल सिंह जी ने बढ़ाया, मानवता का मान,
जिला प्रशासन अल्मोड़ा ने, दिया सेवा को सम्मान।
​जहाँ रास्ते मुश्किल होते हैं, वहाँ हौसला बन जाते हैं,
जो लोग टूटने लगते हैं, उनको फिर से उठाते हैं।
दिव्यांगों की पीड़ा समझकर, मदद का हाथ बढ़ाया,
अंधेरे जीवन में आपने, उम्मीद का दीप जलाया।
​न पद का अभिमान कोई, न अधिकारों का अहंकार,
सेवा को ही धर्म बनाया, यही है आपका सत्कार।
किसी के चेहरे की मुस्कान में, अपनी खुशी तलाशते हैं,
जरूरतमंदों के जीवन में, नई रोशनी भरते हैं।
​मैं दिव्यांग सौरभ तिवारी, दिल से आज यह कहता हूँ,
आप जैसे संवेदनशील अधिकारी को, नमन सदा करता हूँ।
मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा से मेरी यही पुकार,
दिव्यांगों के सम्मान और अधिकारों का हो विस्तार।
​आपका प्रयास बने मिसाल, हर जिले में हो ऐसी सोच,
दिव्यांगों को मिले सम्मान, अवसर और मजबूत संबल रोज।
आपके नेक कार्यों की खुशबू, दूर तलक फैलती जाए,
हर दिव्यांग के जीवन में, आशा की किरण जगमगाए।
​अंशुल सिंह जी, आपका यह सेवाभाव अमर रहे,
दिव्यांगों के चेहरे पर सदा, खुशियों का सवेरा रहे।
जिला प्रशासन अल्मोड़ा को, शत-शत नमन हमारा,
आपके प्रयासों से मजबूत हो, हर दिव्यांग का सहारा।

— दिव्यांग सौरभ तिवारी
मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा