15 अप्रैल: विषु कानी आज, इस राज्य का प्रमुख पारंपरिक त्योहार, फसल के मौसम व नए सौर चक्र की शुरुआत का प्रतीक

आज 15 अप्रैल 2026 है। आज विषु कानी है। विषु कानी केरल का एक प्रमुख पारंपरिक त्योहार है, जो मलयालम नव वर्ष (मेष संक्रांति) के आगमन और फसल के मौसम का प्रतीक है। विशु का उत्सव तब मनाया जाता है जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है , जो मलयालम कैलेंडर में एक नए सौर चक्र की शुरुआत का प्रतीक है।

खास है महत्व

इस दिन सुबह सबसे पहले समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक वस्तुओं (जैसे- चावल, फल, फूल, सोना, दर्पण, सिक्के) के दर्शन करने की परंपरा है। यह मान्यता है कि इसे देखने से पूरा वर्ष सुख-समृद्धि से बीतता है। यह एक विशेष व्यवस्था है, जिसे विषु से एक रात पहले परिवार के पूजा घर में भगवान कृष्ण या विष्णु की मूर्ति के सामने सजाया जाता है। इसमें उरुली (पीतल के बर्तन) में चावल, ककड़ी, कटहल, आम, पान के पत्ते, सुपारी, सोने के आभूषण, सिक्के, पवित्र पुस्तक (रामायण) और कनी कोन्ना (पीले फूल) शामिल होते हैं। विषु के दिन पारंपरिक दावत होती है, जिसमें मीठे, खट्टे और कड़वे (जैसे- वेप्पमपूरासम या नीम की चटनी) स्वाद वाले व्यंजन शामिल होते हैं। मलयाली लोगों के लिए विशु का दिन सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। नव वर्ष की शुरुआत उनके जीवन में नई आशाओं और आकांक्षाओं के आगमन का प्रतीक है। लोग आने वाले वर्ष में समृद्धि और खुशी लाने के लिए हर रीति-रिवाज को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाते हैं। 

यह समय शुभ

विषु कानी (विशु कनी) 2026 मुख्य रूप से 14 अप्रैल को मनाया जाएगा, क्योंकि सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेगा। 15 अप्रैल 2026 को भी मलयाली नव वर्ष का उत्साह रहेगा। विशु कनी (सुबह के दर्शन) के लिए 14 अप्रैल को सुबह 04:40 से 06:10 बजे तक का समय सबसे शुभ है। 15 अप्रैल को भी सुबह सूर्योदय के समय कानी देख सकते हैं।