October 26, 2021

भारत से अवैध रूप से ले जाईं गईं कलाकृतियों को ऑस्ट्रेलिया करेगा वापस

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ऑस्ट्रेलिया चोरी की गई 14 कलाकृतियां भारत को वापस करेगा। इनमें से छह ऐसे हैं जिन्हें चोरी किया गया या अवैध रूप से निर्यात किया गया। नेशनल गैलरी की ओर से गुरुवार को इसकी घोषणा की गई।

कलाकृतियां की कीमत करीब 2.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर

इनमें मूर्तियां, तस्वीरें और स्क्रॉल शामिल हैं, जिन्हें चोरी किया गया है या फिर लूटा गया है। यह कलेक्शन बड़े पैमाने पर धार्मिक और सांस्कृतिक कलाकृतियों से बना है, जिसकी कुल कीमत लगभग 2.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। खास बात यह है कि इनमें कुछ 12वीं शताब्दी के भी हैं।
गैलरी के निदेशक निक मिटजेविच ने बताया कि यह सामान कुछ महीनों के भीतर भारतीय सरकार को लौटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह राहत की बात है कि यह भारतीयों को वापस किया जा रहा है। यह हमारे इतिहास का बहुत कठिन अध्याय है, जिसे हमने बंद करने का संकल्प लिया है।

भगवान शिव की 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कांस्य प्रतिमा भी शामिल है।

दरअसल यह सामग्री भारतीय तस्कर सुभाष कपूर के जरिए ली गई। मिटजेविच ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की नेशनल गैलरी ने कपूर के माध्यम से प्राप्त कई अन्य सामग्रियों को पहले ही वापस कर दिया है, जिसमें भगवान शिव की 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कांस्य प्रतिमा भी शामिल है। इसे तमिलनाडु के एक मंदिर से चुराया गया था।

भारतीय उच्चायुक्त ने पहल का किया स्वागत

भारतीय उच्चायुक्त मनप्रीत वोहरा ने ऑस्ट्रेलिया की इस पहल का स्वागत किया है। साथ ही ऑस्ट्रेलिया की सरकार का आभार जताया है।
गौरतलब हो कि साल 2011 में सुभाष कपूर की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका की ओर से भी सैंकड़ों कलाकृतियां लौटाई गई हैं।

अब तक 53 प्राचीन मूर्तियां विदेशों से वापस लाई गई हैं

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अथक प्रयासों से साल 1976 से लेकर अब तक 53 प्राचीन मूर्तियां विदेशों से वापस लाई गई हैं। जबकि साल 2014 से अब तक 40 पुरावशेषों की भारत वापसी हो चुकी है। जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित विभिन्न देशों से हाल के वर्षों में पुरावशेषों का सफल प्रत्यावर्तन किया गया है।