अल्मोड़ा के पांडेखोला में बंद नाले-कलमठ बने आफत, बारिश में घरों और छतों तक घुसा मलबा, फूटा जनाक्रोश

अल्मोड़ा: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पांडेखोला क्षेत्र में नगर निगम के दावों और तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। लंबे समय से बंद पड़े नालों और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के जाम पड़े कलमठ की सफाई न होने से बारिश का पानी और भारी मलबा सीधे लोगों के मकानों, आंगनों और छतों तक पहुंच गया।

कहीं यह बात

इस तबाही से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग को दिए जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम तो मौके पर पहुंची, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम का कोई भी प्रतिनिधि स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा।‌‌ नगर निगम की इस घोर उपेक्षा के बाद क्षेत्रीय पार्षद ज्योति साह और स्थानीय निवासियों ने खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने आपस में पैसे एकत्र कर निजी मजदूर लगाए और घरों व छतों से मलबा हटाने का काम शुरू कराया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन नगर निगम इनका पालन नहीं कर रहा। आपदा जैसी स्थिति में भी लोगों को उनके हाल पर छोड़ देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है।

की यह मांग

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। हर साल बरसात के मौसम में उन्हें इस समस्या से जूझना पड़ता है।मानसून शुरू होने से पहले जिन नालों और जल निकासी प्रणालियों की सफाई होनी चाहिए थी, वे आज भी बदहाल हैं। नालों की सफाई न होने का खामियाजा आम जनता को आर्थिक और मानसिक नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है।इस आक्रोश के बाद क्षेत्रवासियों और पार्षद ने प्रशासन तथा नगर निगम से मांग की है‌ कि बंद पड़े सभी नालों और एनएच के कलमठों की मशीन लगाकर तत्काल सफाई कराई जाए। क्षेत्र में जल निकासी का स्थायी और पुख्ता इंतजाम किया जाए।प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री और हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। बरसात के दौरान आपदा संभावित क्षेत्रों में नगर निगम की टीम की नियमित तैनाती की जाए।