February 6, 2023

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नेजल कोरोना वैक्सीन ‘इनकोवैक’ को सीडीएससीओ ने दी आपातकालीन स्थिति मे इस्तेमाल के लिए मंजूरी

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भारत में निर्मित कोविड-19 इंट्रानैसल वैक्सीन ‘इनकोवैक’ (बीबीवी154) को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा आपातकालीन स्थिति मे इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। भारत बायोटेक की सुई रहित इंट्रानेजल कोविडरोधी वैक्सीन को 18 वर्ष या उउसे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में इसके इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। भारत बायोटेक ने सोमवार को इसकी घोषणा की।

वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, इनोवैक दुनिया की पहला इंट्रानैसल वैक्सीन है जिसे प्राइमरी सीरीज और हेटेरोलॉगस बूस्टर दोनों तरह की मंजूरी मिली है। भारत बायोटेक ने कहा कि नेजल डिलीवरी सिस्टम को इस तरह से डिजाइन और विकसित किया गया है, जो कम और मध्यम आय वाले देशों में लागत प्रभावी हो।

इन्कोवैक का उत्पादन शुरू

भारत बायोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला ने कहा, कोविड टीकों की मांग में कमी के बावजूद हमने यह सुनिश्चित करने के लिए इंट्रानैसल टीकों का प्रोडक्शन जारीरखा है, ताकि हम भविष्य में संक्रामक रोगों के लिए अच्छी तरह से तैयार रह सकें। भारत बायोटेक ने इन्कोवैक का उत्पादन शुरू कर दिया है। वैक्सीन निर्माता कंपनी ने भारत के लिए वार्षिक 1 अरब खुराक क्षमता का लक्ष्य रखा है।

केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (बीआरआईसी) डीबीटी संस्थानों में विकसित आधार पर अपने निर्माण करेगा ताकि उनके विशिष्ट अनुसंधान जनादेश को बनाए रखते हुए परस्पर समन्वयन को बढ़ावा दिया जा सके और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरा करते हुए अत्याधुनिक अनुसंधान किया जा सके।

क्या है ‘इनकोवैक’ वैक्सीन

यह वैक्सीन प्री-फ्यूजन स्टेबलाइज्ड स्पाइक प्रोटीन के साथ एक पुनः संयोजक की प्रतिकृति न हो सकने वाली एडेनोवायरस वेक्टरेड वैक्सीन है। भारत बायोटेक की सुई रहित इंट्रानेजल कोविडरोधी वैक्सीन को 18 वर्ष या उउसे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए बूस्टर खुराक है। सफल परिणामों के साथ चरण I, II और III के नैदानिक ​​​​परीक्षणों में इस प्रत्याशी वैक्सीन का मूल्यांकन किया गया था। यह विशेष रूप से नाक में डाली जाने वाली बूंदों के माध्यम से इंट्रानेजल डिलीवरी की अनुमति देने के लिए तैयार किया गया है। नाक से दिए जाने की इस प्रणाली को कम और मध्यम आय वाले देशों में लागत प्रभावी बनाने के लिए डिजाइन और विकसित किया गया है। आसान भंडारण और वितरण के लिए यह टीका 2-8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। पूरे भारत में संचालन के साथ गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित भारत भर में कई साइटों पर भारत बायोटेक द्वारा इसके लिए बड़ी विनिर्माण क्षमताएं स्थापित की गई हैं ।

टीका लगते ही प्रतिरक्षा तंत्र हो जाएगा सक्रिय

इस समय जब सार्स कोव-2 (SARS-CoV-2 ) बिना किसी गंभीर इंफेक्शन के तेजी से फैल रहा है, यह अधिक संक्रामक है। अभी भी जब कोविड की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो किसी को भी क्वारंटाइन होना पड़ता है या अतिसंवेदनशील लोगों के संक्रमित करने का खतरा रहता हैं। विशेषज्ञों द्वारा ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है ‘इनकोवैक’ टीका संक्रमण की दर को कम कर देगा। यह टीका वायरस के प्रवेश करते समय ही प्रतिरक्षा तंत्र को सक्रिय कर देगा।