श्रीनगर: हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल श्रीनगर को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
किया निरीक्षण
इसी संबंध में आज गुरुवार को रुद्रप्रयाग सेना कैंप से पहुंची दो सदस्यीय टीम ने अस्पताल का गहन निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग सेना कैंप के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हेमंत दत्त के नेतृत्व में आई टीम ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर (OT), ओपीडी, सीटी स्कैन और एमआरआई (MRI) विभागों का बारीकी से मुआयना किया। सैन्य अधिकारियों ने अस्पताल में मौजूद आधुनिक उपकरणों, जांच सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता की विस्तृत जानकारी ली।
चार जिलों के पूर्व सैनिकों को मिलेगी बड़ी राहत
बेस अस्पताल के ईसीएचएस पैनल में शामिल होने से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिले के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में बेहतर इलाज के लिए पूर्व सैनिकों को देहरादून या अन्य दूरस्थ शहरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। श्रीनगर में यह सुविधा शुरू होने से उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्चस्तरीय इलाज मिल सकेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी।
मिली मान्यता
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एएन पांडेय ने सेना के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हाल ही में बेस अस्पताल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) से मान्यता भी मिली है। डॉ. पांडेय ने कहा कि “ईसीएचएस पैनल में शामिल होने की दिशा में यह निरीक्षण एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। अंतिम फैसला संबंधित सैन्य प्राधिकरण की अंतिम स्वीकृति के बाद लिया जाएगा।” वहीं, अस्पताल को ईसीएचएस से जोड़ने की इस पहल का सुरक्षा निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद भट्ट और वीरेंद्र कुंवर समेत अन्य कर्मियों ने स्वागत किया है।