March 1, 2024

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फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

भारत के जाने माने एथलीट मशहूर, मिल्खा सिंह का कल रात शुक्रवार को 11:30 बजे निधन हो गया । वह कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गए थे , जिसके बाद उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था ।   कल रात उनकी ताबियत अधिक बिगड़ गयी और  उन्होंने चंडीगढ़ के अस्पताल में अंतिम सांस ली ।

20 मई को आये थे कोरोना की चपेट में

बीते 20 मई से वह और उनकी पत्नी दोनों कोरोना की चपेट में आ गए थे । जिसके बाद उन्हें 24 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, और 30 मई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी , 3 जून को अचानक ऑक्सीजन लेवल गिर जाने के बाद उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और गुरूवार को उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गयी थी , लेकिन शुक्रवार को अचानक तबियत अधिक बिगड़ जाने के कारण उनका 91 वर्ष की आयु में देहांत हो गया । आपको बताते चले की बीते रविवार को उनकी 85 वर्षीय पत्नी भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर ने भी कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया था ।

आइये जानते हैं उनके बारे में

मशहूर एथलीट मिल्खा सिंह का जन्म पाकिस्तान के गोविंदपुर में हुआ था । उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा, मात्र 14 वर्ष की आयु में उन्होंने माता- पिता और आठ भाई- बहनों को खो दिया 
था। इसके बाद वह भारत आये और भारतीय सेना में भर्ती हुए, एक क्रॉस कंट्री नींव में उन्होंने छठा स्थान प्राप्त किया , इस रेस में 400 से अधिक सेना शामिल थी । इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए चुन लिया गया ।

स्वर्ण पदक हांसिल किया

1958 में हुए एशियन गेम्स में उन्होने स्वर्ण पदक हांसिल किया, इसके बाद 1958 में उन्होंने कार्डिफ कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाया । 1959 में उन्हें पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित भी किया गया । 1960 में उन्होंने ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उन्हें दूसरा स्थान प्राप्त हुआ । इसके बाद उनके करियर का मुख्य आकर्षण 1964 एशियन गेम्स रहा। इस दौरान उन्होंने 400 मीटर रेस और 4×400 मीटर रिले रेस में गोल्ड जीता था। 

फ्लाइंग सिक्ख के नाम से जाना जाता हैं उन्हें

मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख कहा जाता है । यह नाम उन्हें पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने दिया था पाकिस्तान में आयोजित एक रेस के बाद उन्हें ये नाम मिला था हालांकि वह इस रेस में शामिल नहीं हो ना चाहते थे । देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समझाने पर वह इस रेस में शामिल हुए । और उन्होंने जीत हासिल की जिसके बाद उन्हें पकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा इस नाम से नवाजा गया । और वह विश्व्भर में इस नाम से मशहूर हो गए ।

पीएम ने गहरी संवेदना व्यक्त की

प्रधानमंत्री मोदी ने उनके देहांत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है  ओर ट्वीट करते हुए कहा कि मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी खो दिया, जिसने देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया और अनगिनत भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया । उनके प्रेरक व्यक्तित्व ने खुद को लाखों लोगों का प्रिय बना दिया । उनके निधन से आहत हूं । अभी कुछ दिन पहले ही मेरी मिल्खा सिंह जी से बात हुई थी । मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बातचीत होगी । कई नवोदित एथलीट उनकी जीवन यात्रा से ताकत हासिल करेंगे । उनके परिवार और दुनिया भर में कई प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं ।
उनके साथ ही अन्य मंत्रियों ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है ।