हल्द्वानी: ब्लॉगर ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सभी पोस्ट हटाने के दिए निर्देश

हल्द्वानी से जुड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल हाईकोर्ट ने आज मंगलवार को चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी से जुड़े सात आपराधिक मामलों में से पाँच मामलों पर सुनवाई की। आज मंगलवार को शीत अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने ज्योति को राहत देते हुए पांच मुकदमों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

जिस पर हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद शीत अवकाश कालीन न्यायमूर्ति आलोक माहरा की एकलपीठ ने ज्योति अधिकारी को राहत देते हुए पांचों मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में अपना जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही ज्योति अधिकारी से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सभी पोस्टों को तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने ज्योति अधिकारी को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं एवं पहाड़ की महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट/वीडियो तत्काल हटाए जाएँ, ताकि किसी की भावना आहत न हो। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

जारी किए यह निर्देश

हाईकोर्ट ने ज्योति अधिकारी को भविष्य में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ अथवा धार्मिक-सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर न करने के सख़्त निर्देश जारी किए हैं। आरोपों के अनुसार उनके कथनों से धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं तथा पहाड़ की महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इन घटनाओं के बाद हल्द्वानी सहित विभिन्न स्थानों पर कुल सात मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से दो मामलों में ज्योति अधिकारी जेल जा चुकी हैं और लगभग छह दिन की न्यायिक हिरासत काट चुकी हैं। शेष पाँच मामलों में उच्च न्यायालय ने फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। सरकार की ओर से दलील दी गई कि आपत्तिजनक बयान फॉलोअर्स बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए, जिससे समाज का एक वर्ग आहत हुआ।