December 8, 2021

बुजुर्गों की जीवन गुणवत्ता में हिमाचल प्रदेश, राज्यस्थान और मिजोरम सबसे आगे, जानिये उत्तराखंड की स्थिति

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देश में बुजुर्गों के जीवन स्तर व रहन सहन के लिए गुणवत्ता सूचकांक में हिमाचल प्रदेश, राज्यस्थान और मिजोरम सबसे आगे हैं। इन राज्यों ने भारत के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पछाड़कर शीर्ष में अपनी जगह बनायी है। बुजुर्गों के लिए जीवन गुणवत्ता सूचकांक सर्वे करने के बाद इंस्टीट्यूट फॉर कम्पिटिटिवनेस ने एक रिपोर्ट तैयार करके यह जानकारी दी है, जिसमे बुजुर्गों के कल्याण का आंकलन किया गया है।

उत्तराखंड और हरियाणा क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 50 लाख आबादी वाले को वृद्ध राज्य और 50 लाख की कम आबादी वाले को अपेक्षाकृत वृद्ध राज्यों की सूची में नामित किया गया है। जहाँ वृद्ध राज्यों की सूची में राज्यस्थान ने शीर्ष पर है, वहीँ इसके बाद महाराष्ट्र और बिहार का नंबर इस श्रेणी में आता है। अपेक्षाकृत वृद्ध सूची में हिमाचल शीर्ष पर और उत्तराखंड और हरियाणा क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों में मिजोरम पहले स्थान पर और चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश में शीर्ष पर रहा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद द्वारा बुधवार को जारी की गई रिपोर्ट में ये खुलासा किया गया है ।

परिषद के अध्यक्ष डॉ, बिबेक दबरॉय ने रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि इस इंस्टीट्यूट द्वारा बुजुर्गों की जीवन गुणवत्ता मापने के लिए अलग-अलग मानकों के इंडेक्स बनाए और रिपोर्ट के जरिये उनके जीवन से जुड़े ऐसे पहलुओं की जांच की गयी, जिसका अध्ययन इससे पहले कभी नहीं हुआ था। इस सर्वे की मदद से विभिन्न राज्यों की बुजुर्ग आबादी का पैटर्न और उनकी समस्याओं को समझा गया और वित्तीय, स्वास्थ्य, सामाजिक औऱ आय के मापदंडों के जरिए उनके जीवन स्तर को निर्धारित किया गया।

50 लाख से ज्यादा बुजुर्ग आबादी वाले राज्य

रिपोर्ट के अनुसार 50 लाख से ज्यादा बुजुर्ग आबादी वाले राज्यों का गुणवत्ता सूचकांक क्रमशः राजस्थान 54.61,  महाराष्ट्र 53.31,  बिहार 51.82, तमिलनाड 47.93,  मध्यप्रदेश 47.11,  कर्नाटक 46.92 , उत्तर प्रदेश 46.80,  आंध्र प्रदेश 44.37, प. बंगाल 41.01 और तेलंगाना 38.19 रहा।

50 लाख से कम बुजुर्ग आबादी वाले राज्य

50 लाख से कम बुजुर्ग आबादी वाले राज्यों का गुणवत्ता सूचकांक क्रमशः हिमाचल 61.04, उत्तराखंड 59.47, हरियाणा 58.16, ओडिशा 53.95, झारखंड 53.40, गोवा 52.56, केरल 51.49, पंजाब 50.87, छत्तीसगढ़ 49.78 और गुजरात 49.00 रहा।

पूर्वोत्तर के राज्यों का गुणवत्ता सूचकांक

पूर्वोत्तर के राज्यों का गुणवत्ता सूचकांक क्रमशः मिजोरम 59.79, मेघालय 56.00, मणिपुर 55.71, असम 53.13, सिक्किम 50.82, नागालैंड 50.77, त्रिपुरा 49.18 और  अरुणाचल 39.28 रहा।

केंद्रशासित प्रदेश का गुणवत्ता सूचकांक

केंद्रशासित प्रदेश का गुणवत्ता सूचकांक क्रमशः चंडीगढ़ 63.78, दादरा एवं नगर हवेली 58.58, अंडमान निकोबार 55.54, दिल्ली 54.39, लक्षद्वीप 53.79, दमन और दीव 53.28, पुडुचेरी 53.03 और जम्मू-कश्मीर 46.16 रहा।