अल्मोड़ा: उत्तराखंड की साहित्यकार गायत्री जोशी ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान, देहरादून एवं बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजी.) के संयुक्त तत्वावधान में 28 जून 2026 को आयोजित “हिन्दी भाषा महोत्सव” एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी में सहभागिता की। जिसमें उन्होंने मंच के संचालन के साथ ही काव्य पाठ भी किया।
किया प्रतिभाग
इस राष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से कवि, साहित्यकार, शिक्षाविद्, लेखक, संपादक एवं हिन्दी-सेवी एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत हिन्दी भाषा के संवर्धन एवं साहित्य के समकालीन विषयों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, पुस्तक लोकार्पण, साहित्यकार सम्मान तथा पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायत्री जोशी ने अपने जनपद अल्मोड़ा का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में काव्यपाठ किया।
सक्रिय साहित्यिक संस्था
बताया कि आयोजकों का उद्देश्य हिन्दी भाषा, साहित्य एवं पठन-पाठन की संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना तथा देशभर के साहित्यकारों के मध्य संवाद, समन्वय एवं साहित्यिक सहयोग को सुदृढ़ करना रहा। उल्लेखनीय है कि बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजी.) उत्तराखण्ड के बाजपुर से संचालित एक सक्रिय साहित्यिक संस्था है, जिसकी स्थापना साहित्यकार विवेक बादल बाजपुरी द्वारा की गई है तथा इसके संरक्षक पंकज प्रकाश हैं। संस्था विगत वर्षों से हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर कार्यरत है। इसके तत्वावधान में देश-विदेश के साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान किया गया है तथा संस्था द्वारा तीन विश्व कीर्तिमान स्थापित किए जा चुके हैं। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह हिन्दी भाषा महोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु निरंतर कार्य कर रही है। भाषा मंत्री खजान दास के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। संस्थान की निदेशक मायावती ढकरियाल एवं उपनिदेशक जसविंदर कौर प्रदेश की साहित्यिक संस्थाओं को निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान कर रही हैं, जिससे राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी हिन्दी भाषा और साहित्य के विकास को नई ऊर्जा मिल रही है।