November 29, 2021

भारत कृषि निर्यात क्षेत्र में टॉप- 10 देशों में हुआ शामिल

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में पूर्णरूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने कहा कि किसानों के अथक मेहनत के दम पर आज कृषि निर्यात के मामले में भारत दुनिया में टॉप टेन में शामिल हुआ है।गौरतलब हो कि देश में खाद्यान्न के साथ ही बागवानी फसलों का भी लगातार निर्यात किया जा रहा है। इसमें हाल ही के दिनों में लीची, आम, कटहल, आदि निर्यात किए गए।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के 16वें सतत विकास सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान कहा कि कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन सहित अन्य चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए देश के वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

छोटे और मझोले किसानों के हितों पर विशेष ध्यान

कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जब लगभग सभी उद्योग ठप हो गए थे तब भी देश के किसान काम कर रहे थे। किसानों ने कठिन समय में भी अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश के छोटे और मझोले किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 11 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में लगभग एक लाख सत्तावन हजार करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं।

एक लाख करोड़ रुपये का कृषि अवसंरचना कोष

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम प्रारंभ की है, जो फूड प्रोसेसिंग सहित अन्य उद्योगों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। छोटे व मझौले किसानों के लिए खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार के ठोस कदमों के तहत खेतों के पास बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। इस संबंध में एक लाख करोड़ रुपये का कृषि अवसंरचना कोष बनाया गया है, जिसके जरिये प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा रहे हैं।

4 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स मंजूर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स मंजूर हो चुके हैं। देश में 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन केंद्र की नई योजना के अंतर्गत किया जाएगा, जिसका काम प्रारंभ हो चुका है, जिससे किसानों को काफी सहायता मिलेगी, बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। किसानों के फायदे के लिए कृषि क्षेत्र को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। देश में सत्तर से अधिक किसान रेल के साथ ही उड़ान योजना के माध्यम से भी किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।