हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। आज यानी 31 जुलाई से पंचक की शुरुआत हो रही है। जो अगले 5 दिनों तक चलेगी। हिन्दू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्रवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। वर्तमान वर्ष 2026 में अगला चोर पंचक 31 जुलाई 2026 से शुरू होकर 4 अगस्त 2026 तक रहेगा।
04 अगस्त तक रहेगा पंचक
हिंदू धर्म में सही मुहूर्त और काल के चुनाव के बाद ही शुभ कार्यों को करने की बात कही गई है। हिंदू धर्म में बताए गए अशुभ समय में से एक पंचक भी हैं। पंचक तब शुरू होते हैं जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और पंचक की समाप्ति तब होती है जब चंद्रमा रेवती नक्षत्र से निकल जाते हैं। 31 जुलाई 2026 से पंचक की शुरुआत हो रही है। 31 जुलाई को शुक्रवार है और इस दिन से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में ‘पंचक’ के समय को बहुत सतर्कता बरतने वाला माना जाता है। खासकर जब ‘चोर पंचक’ का योग बनता है, तो जोखिम और बढ़ जाता है। मान्यताओं के अनुसार, चोर पंचक के दौरान शुरू किए गए कार्यों में न केवल रुकावटें आती हैं, बल्कि धन हानि, चोरी और दुर्घटना जैसी आशंकाएं भी बनी रहती हैं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
• नया बिजनेस शुरू न करें: चोर पंचक के दौरान नया कारोबार या बिजनेस शुरू करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय शुरू किए गए व्यापार में लाभ की जगह नुकसान हो सकता है और आप वित्तीय रूप से कमजोर हो सकते हैं।
• जमीन-जायदाद और शेयर बाजार में निवेश से बचें: इस अवधि में प्रॉपर्टी खरीदने या शेयर बाजार में पैसा लगाने से परहेज करें। चोर पंचक के दौरान किया गया कोई भी वित्तीय निवेश नुकसानदायक साबित हो सकता है।
• दक्षिण दिशा की यात्रा न करें: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा को बेहद अशुभ माना गया है। इस दिशा में यात्रा करने से किसी दुर्घटना, सामान चोरी होने या अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
• मांगलिक कार्यों पर रोक: गलती से भी इस समय मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश या कोई अन्य मांगलिक कार्य न करें। इस दौरान किए गए शुभ कार्य फलदायी नहीं होते।
• लोहे की वस्तुएं और कपड़े न खरीदें: चोर पंचक के दौरान लोहे का सामान और नए कपड़े खरीदने से हमेशा बचना चाहिए।
• ज्वलनशील पदार्थ न खरीदें या जमा करें: इस काल में ईंधन, गैस या अन्य ज्वलनशील पदार्थों की खरीदारी और उन्हें घर में जमा करने से बचें।
• धन के लेन-देन से दूरी बनाएं: चोर पंचक के दौरान पैसों का लेन-देन नुकसान पहुंचा सकता है। इस समय न तो किसी को उधार दें और न ही किसी से उधार लें।
जानें क्यों बेहद संवेदनशील माना जाता है ‘चोर पंचक’
मान्यताओं के अनुसार, चोर पंचक की अवधि में शुरू किए गए कार्यों में अपेक्षित सफलता मिलना कठिन हो जाता है। इस दौरान यात्रा, महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन और नए फैसलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। चोर पंचक के प्रभाव से चोरी, धन हानि, सामान या जरूरी दस्तावेजों के गुम होने जैसी घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। यही वजह है कि लोग इस दौरान बड़े वित्तीय और व्यावसायिक निर्णय लेने से बचते हैं।