नैनीताल: नवंबर में दिखेगा ब्रह्मांड का अनोखा नजारा: मंगल-बृहस्पति कादिखेगा मिलन, ‘प्लेनेट परेड’ और सुपरमून समेत होंगी यह 8 दुर्लभ खगोलीय घटनाएं

​नैनीताल: खगोलशास्त्र और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए नवंबर का महीना बेहद खास होने वाला है। इस दौरान आसमान में ‘प्लेनेट परेड’ (चार ग्रहों का एक साथ दिखना), मंगल और बृहस्पति का मिलन, तीन बार उल्कावृष्टि (उल्कापात) और सुपरमून जैसी कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी।
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दिखेंगी यह खगोलीय घटनाएं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज), नैनीताल के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय के अनुसार, इन अधिकांश घटनाओं को बिना दूरबीन (Binoculars) की मदद के भी देखा जा सकेगा। जिसमें-
• ​1 से 3 नवंबर (चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति का मिलन): महीने की शुरुआत में ही आसमान में चंद्रमा के साथ लाल ग्रह मंगल और बृहस्पति एक साथ नजर आएंगे।
• ​4-5 नवंबर (सदर्न टारिड्स उल्कावृष्टि): इस दौरान रात के समय आसमान से जलती हुई उल्काओं (टूटते तारों) की शानदार आतिशबाजी देखने को मिलेगी।
• ​7 नवंबर (वीनस आकल्टेशन / शुक्र का पिधान): सूर्य ग्रहण की तर्ज पर चंद्रमा, शुक्र ग्रह के सामने से गुजरते हुए उसे कुछ पलों के लिए पूरी तरह ढक लेगा।
• ​11-12 नवंबर (नार्दर्न टारिड्स उल्कापात): एक बार फिर आसमान में जलती हुई उल्काओं की बौछार का नजारा दिखाई देगा।
• ​14 नवंबर (प्लेनेट परेड): तड़के (भोर से पहले) आसमान में चार प्रमुख ग्रह—बुध (Mercury), शुक्र (Venus), मंगल (Mars) और बृहस्पति (Jupiter) एक सीधी रेखा में एक साथ दिखाई देंगे।
• ​17 नवंबर (लियोनिड उल्कावृष्टि): इस महीने का तीसरा उल्कापात होगा, जिसे आम भाषा में तारों का टूटना भी कहा जाता है।
• ​24 नवंबर (सुपरमून / बीवर मून): चांदनी रात में चांद अपने सबसे बड़े और चमकदार रूप (सुपरमून) में दिखेगा। यूरोपीय देशों में इसे ‘बीवर मून’ भी कहा जाता है।
• ​25 नवंबर (यूरेनस अपोजिशन): अरुण (यूरेनस) ग्रह पूरी रात आसमान में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।