नैनीताल: जय स्टोन क्रशर के खनन पर लगी रोक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 2 हफ्ते में पेश करे रिपोर्ट- हाईकोर्ट

नैनीताल जिले से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बाजपुर के गुलजारपुर में जय स्टोन क्रशर द्वारा खनन के मानकों में बरती जा रही अनियमितताओं के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने जय स्टोन क्रशर के खनन पर रोक लगा दी है।

मामले का स्थलीय निरीक्षण करके 2 सप्ताह में रिपोर्ट करें पेश

हाईकोर्ट में बाजपुर के जय स्टोन क्रशर की अनियमितता पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने स्टोर क्रशर के खनन पर रोक लगाने के साथ ही जिला अधिकारी उधमसिंह नगर और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया है। दोनों को 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जय स्टोन क्रेशर पर पूर्व में 16,225,933 रुपए (1 करोड़ 62 लाख 25 हजार 9 सौ 33 रुपये) का जो जुर्माना लगाया था, उसको जमा करवाया है या नहीं। हाईकोर्ट ने जिला अधिकारी उधमसिंह नगर को आदेश दिया है कि वो इस मामले का स्थलीय निरीक्षण करके 2 सप्ताह में रिपोर्ट भी पेश करें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 अक्टूबर की तिथि नियत की गई है।

जानें पूरा मामला

मामले के अनुसार गुलजारपुर तहसील बाजपुर जिला उधमसिंह नगर निवासी रकविंदर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि गुलजारपुर में मानकों को ताक पर रखकर जय स्टोन स्टोन क्रशर द्वारा खनन किया जा रहा है। स्टोन क्रशर द्वारा अनुमति से अधिक खनन करने से क्षेत्र के पानी का स्तर नीचे जा पहुंचा है। क्षेत्र में पानी का संकट उप्तन्न होने लगा है।

स्टोन क्रशर पर जन जीवन से खिलवाड़ का लगाया आरोप

खनन से जो पानी ऊपर आ गया है उसे स्टोन क्रशर मालिक द्वारा प्रदूषित कर नहरों के माध्यम से खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में डाला जा रहा है। अवैध खनन से सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है। क्षेत्र में प्रदूषित पानी फैलने से वन्य जीव, पालतू पशुओं के साथ साथ आबादी क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए स्टोन क्रशर के संचालन पर रोक लगाई जाए।