नैनीताल: नैनीतालशहर के प्रसिद्ध पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में संरक्षित वन्य जीवों के संरक्षण को अब वैज्ञानिक आधार देने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
लिया यह निर्णय
जिसमें चिड़ियाघर प्रबंधन ने जीवों के संरक्षण और उनकी नस्ल को सुरक्षित रखने के लिए पहली बार जीन सैंपलिंग कराने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत सभी वन्य जीवों और पक्षियों का डीएनए प्रोफाइल तैयार कर उनका आनुवांशिक डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। जू प्रबंधन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), हैदराबाद से पत्राचार कर संपर्क साधा है। इस परियोजना के पहले चरण में चिड़ियाघर के मुख्य आकर्षण ‘रेड पांडा’ की जीन सैंपलिंग की जाएगी। साल 2014 में दार्जिलिंग जू से रेड पांडा का एक जोड़ा नैनीताल लाया गया था। पिछले 12 वर्षों में इनका कुनबा बढ़कर अब 6 हो गया है, जिसमें 3 नर और 3 मादा रेड पांडा शामिल हैं। कुनबा बढ़ने के बावजूद एक ही परिवार का रक्त आगे बढ़ने (इनब्रीडिंग) के कारण इनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।