नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट शिफ्टिंग: गौलापार के बाद अब रामपुर रोड के इस संभावित स्थल पर शुरू हुआ मंथन, फिर तेज हुई कवायद

नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट (उच्च न्यायालय) को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित (शिफ्ट) करने की लंबे समय से चल रही कवायद एक बार फिर तेज हो गई है।

कवायद तेज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गौलापार में पर्यावरण संबंधी अड़चनों के बाद, अब प्रशासन ने एक नए संभावित स्थल पर अपनी नजरें टिका दी हैं। रामपुर रोड स्थित प्रसिद्ध बेलबाबा मंदिर के निकटवर्ती क्षेत्र को अब हाई कोर्ट परिसर के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इस नए प्रस्ताव को लेकर शासन और जिला प्रशासन स्तर पर विभिन्न पहलुओं पर मंथन और शुरुआती औपचारिकताएं शुरू हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समिति भी इस संभावित स्थल का भौतिक निरीक्षण और जांच करने के लिए मौके पर पहुंच चुकी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि बेलबाबा क्षेत्र को लेकर प्रक्रिया अभी शुरुआती स्तर पर है। विभिन्न तकनीकी, व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार और हाई कोर्ट की ओर से इस पर कोई अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
फिलहाल इस स्थान को लेकर निम्नलिखित बिंदुओं पर बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।
• ​भूमि की उपलब्धता: परिसर, आवासीय भवनों और वकीलों के चैंबर के लिए पर्याप्त जमीन।
• ​पहुंच मार्ग और यातायात: हल्द्वानी मुख्य शहर और हाईवे से कनेक्टिविटी ताकि भविष्य में ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने।
• ​प्रशासनिक व पर्यावरणीय प्रभाव: यह जांचना कि क्या यह क्षेत्र वन भूमि और कानूनी बंदिशों से मुक्त है।
​जानें क्यों अटक गई थी गौलापार की योजना

​रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले राज्य सरकार द्वारा हाई कोर्ट को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थापित करने की योजना पर बेहद गंभीरता से काम किया गया था। उस दौरान भूमि का चिह्नीकरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं काफी आगे बढ़ चुकी थीं। लेकिन वह पूरा क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आने और कठिन पर्यावरणीय स्वीकृतियों के पेंच में फंसने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।