ओणम 2026: 10 दिवसीय उत्सव, 26 अगस्त को मनाया जाएगा मुख्य त्योहार ‘तिरुवोणम’, राजा महाबली के स्वागत में सजा घर-आंगन: जानिए ओणम का महत्व

आज 25 अगस्त 2026 है। आज पहला ओणम (जिसे उथरादम भी कहते हैं) है। ओणम उत्सव का नौवां दिन होता है, जो 25 अगस्त 2026 को है। यह मुख्य दिन यानी तिरुवोणम से ठीक एक दिन पहले आता है, जिस दिन राजा महाबली के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां और मुख्य पकवान बनाए जाते हैं। इस साल 16 अगस्त 2026 से ओणम का 10 दिवसीय उत्सव आरंभ हुआ। 10 दिवसीय ओणम उत्सव का चरम थिरुवोणम के दिन होता है जो कि इस वर्ष 26 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा।

ओणम पर्व

जानकारी के अनुसार 25 अगस्त 2026 को लोग बाजारों से खरीदारी करते हैं और महाबली के स्वागत के लिए भोजन की अंतिम तैयारियां करते हैं। वहीं मुख्य ओणम 26 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, जो उत्सव का दसवां और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। इस दौरान घरों के आंगन में फूलों की सुंदर रंगोली (पूक्कलम) बनाई जाती है और केले के पत्ते पर पारंपरिक भव्य भोजन (ओणम साध्या) परोसा जाता है। 10 दिवसीय ओणम उत्सव का चरम थिरुवोणम के दिन होता है जो कि इस वर्ष 26 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। इस पर्व को राजा महाबली के वार्षिक आगमन की मान्यता से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि उनके शासनकाल में समृद्धि, समानता और खुशहाली थी और ओणम पर वे अपनी प्रजा से मिलने लौटते हैं। इस दौरान घरों में रंग-बिरंगे पूक्कलम, पारंपरिक ओणसद्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक खेल और कई अन्य आयोजन होते हैं।

ओणम पर्व का खास महत्व

ओणम का सबसे प्रसिद्ध संबंध राजा महाबली की कथा से है।मान्यता है कि महाबली के शासन में लोगों के बीच समानता और समृद्धि थी। भगवान विष्णु के वामन अवतार से जुड़ी कथा के अनुसार, महाबली से तीन पग भूमि मांगी गई और इसके बाद उन्हें पाताल लोक जाने का वर मिला। ओणम पर उनके अपनी प्रजा से मिलने लौटने की मान्यता इस त्योहार को खास बनाती है। यह पर्व समृद्धि, समानता, एकता, फसल और कृतज्ञता की भावना से भी जुड़ा है।