October 22, 2021

रानीखेत: एड़ी-रूमा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से योजना से जुड़े आधा दर्जन गांवों में दो सप्ताह से पानी का संकट

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गर्मी का मौसम आ गया है, जिसमें लोगों को सबसे ज्यादा पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। वही रानीखेत में एड़ी-रूमा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से योजना से जुड़े आधा दर्जन गांवों में पेयजल की समस्या बनी हुई है।

दो सप्ताह से ग्रामीण पानी के लिए है परेशान-

वही करीब दो सप्ताह से ग्रामीण पानी के लिए काफी परेशान हैं। पिछले सप्ताह तीन दिनों से अधिक वक्त तक हुई बारिश से ताड़ीखत ब्लॉक अंतर्गत एड़ी-रूमा पेयजल योजना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके लिये ग्रामीण पारंपरिक स्रोतों और गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं।

इन गांवों में पेयजल की आपूर्ति बाधित-

इस योजना से डौरब, टूनाकोट, बजीना, डींगा, कनार आदि गांवों को पेयजल की आपूर्ति होती है। योजना क्षतिग्रस्त होने इन गांवों में पेयजल की आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि दो सप्ताह से भी अधिक समय से पानी की आपूर्ति ठप होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सूचना के बावजूद योजना की मरम्मत नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश-

जिसके बाद कई बार सूचना के बावजूद योजना की मरम्मत नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि वर्षों से लगातार मांग के बावजूद योजना का पुनर्गठन नहीं किया जा रहा है। जीर्ण हो चुकी योजना की लाइन आए दिन क्षतिग्रस्त हो जाने से पेयजल की समस्या बनी रहती है। स्रोत के पास क्षतिग्रस्त लाइन की जल संस्थान दो सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद मरम्मत नहीं कर सका है। टूनाकोट निवासी, मदन सिंह महरा, बचे सिंह, नंदन सिंह, यशवंत सिंह, राजेंद्र सिंह, राजे सिंह, प्रधान प्रतिनिधि राजू, गोधन सिंह, बीडीसी सदस्य भूपेंद्र देव, बजीना के मदन सिंह आदि ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर क्षतिग्रस्त योजना को ठीक नहीं किया जा रहा है।

योजना की जल्द मरम्मत नहीं होने पर करेंगे आंदोलन-

जिसमें ग्रामीणों ने कहा है कि योजना की जल्द मरम्मत नहीं होने पर वह आंदोलन करेंगे। वही जल संस्थान के अवर अभियंता संदीप कुमार आर्या ने बताया कि बारिश में योजना का स्रोत बह गया था। स्रोत बनाने के बाद चौना तक पानी पहुंचा दिया है। चौना से आगे सड़क कटान के कारण पूर्व में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसे ठीक करने का काम चल रहा है।