January 21, 2022

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति का किया ऐलान, ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, ग्रोथ पर फोकस रहेगा जारी

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आरबीआई से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की । जून और जुलाई के महीनों के लिए क्रेडिट नीति तय करने के लिए रिजर्व बैंक की क्रेडिट नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद द्विमासिक क्रेडिट नीति की घोषणा की गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की मौद्रिक नीति की घोषणा-

आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) के बैठक के नतीजों की घोषणा कर दी है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज सुबह 10 बजे वर्चुअली समीक्षा पेश की। जिसमें मौद्रिक समीक्षा नीति के ऐलान के दौरान आरबीआई गवर्नर ने नोट छपाई से लेकर क्रिप्टोकरेंसी और आम लोगों तक अब तक हुए रेट कट के फायदे की जानकारी भी साझा की।

रेपो रेट या बैंकों से जुड़े अन्य मामलों में नहीं हुआ कोई बदलाव-

आरबीआई ने पिछली तीन बैठकों में ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने कोविड -19 के प्रभाव को कम करने की वजह से पॉलिसी रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला किया है। रेपो रेट और और रिवर्स रेपो रेट की दरों में कोई बदलाव नहीं आया है। रेपो रेट पहले की तरह 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी है।मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर है। ईएमआई या लोन की ब्याज दरें पहले जितनी ही रहेंगी इसमें नई राहत नहीं दी गई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लगातार छठी बार रेपो रेट को बरकरार रखने का फैसला किया है। 

ग्रोथ पर फोकस जारी-

पॉलिसी के ऐलान में महंगाई अनुमान बढ़ाया गया है, लेकिन आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि इसमें ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की गई है। पहले वित्त वर्ष 2022 के लिए 5 फीसदी CPI रहने का अनुमान था जिसे बढ़ाकर 5.1 फीसदी किया गया है जो 2-6 फीसदी के दायरे के अंदर ही है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ पर फोकस जारी रहेगा।

अर्थव्यवस्था के विकास के अनुमान में एक प्रतिशत की कटौती-

केंद्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था के विकास के अनुमान में एक प्रतिशत की कटौती की है। आरबीआई के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था के 9.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। पहले यह दर 10.5 फीसदी बताई जाती थी, लेकिन कोरना की दूसरी लहर से आर्थिक विकास पर असर पड़ने से विकास दर में एक फीसदी की कमी आई है।

आखिरी बार 22 मई 2020 में नीतिगत दरों हुआ था संशोधन-

रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 में नीतिगत दरों संशोधन किया था। उस समय मांग को प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक का इंतजार किए बिनाही दरों में कटौती की थी। केंद्रीय बैंक पिछले साल फरवरी से रेपो दर में 1.15 फीसदी की कटौती की चुका है।