November 27, 2022

आईपीएस अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज, जाने क़्या है पूरा मामला

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छत्तीसगढ़ से एक बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें एक आईपीएस अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह उर्फ जीपी सिंह के घर से ‘सरकार और उसकी नीति के खिलाफ एक भड़काऊ लेख’ मिला है, जिसके बाद उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। जिसके बाद पुलिस ने आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह और भारतीय दंड संहिता की धारा 153-क के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का लगाया था पता-

छत्तीसगढ़ एसीबी के पूर्व चीफ रहे आईपीएस अधिकारी जी पूर्ण सिंह के घर एसीबी की टीम ने छापेमारी की। जिसमें गुरजिंदर पाल सिंह उर्फ जीपी सिंह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की तलाशी के बाद भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में इसी हफ़्ते निलंबित हुए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 1 से 3 जुलाई के बीच जीपी सिंह से जुड़े 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें उनके निकट संबंधियों के ठिकानों पर पिछले दिनों छापा मारकर लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया था। जीपी सिंह की गिनती छत्तीसगढ़ के ताकतवर अफसरों में होती है। वही पुलिस आगे मामले की जांच कर रही है।

1994 बैच के अधिकारी है जीपी सिंह-

गुरजिंदर पाल सिंह उर्फ जीपी सिंह 1994 बैच के अधिकारी है। आईपीएस जीपी सिंह छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर आईजीपी भी रहे हैं। 2019 में वह छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो के चीफ थे। जीपी सिंह पहले एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) थे। जीपी सिंह ने रायपुर के महानिरीक्षक (IG) के रूप में भी काम किया। 5 जुलाई को निलंबित होने से पहले जीपी सिंह पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के प्रमुख के पद पर तैनात थे।