देश की बेटियां बंधनों को तोड़ विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर देश को गौरवान्वित कर रही हैं – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है कि तीनों सेना के सर्वोच्‍च कमांडर के रूप में वे सशस्‍त्र बलों में महिला अधिकारियों की संख्‍या में वृद्धि को देखकर प्रसन्‍न हैं। इनमें युद्धक भूमिका निभाने वाली महिला अधिकारी भी शामिल हैं। राष्‍ट्रपति ने सोमवार को बैंगलुरु में राष्ट्रीय सैन्य स्कूल के प्लेटिनम जुबली समारोह का उद्घाटन किया। इस स्कूल की स्‍थापना वर्ष 1946 में की गई थी। राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्‍यक्‍त की कि इस शैक्षणिक वर्ष से बालिका कैडेटों को भी राष्ट्रीय सैन्य स्कूलों में प्रवेश मिलेगा।

अपने सम्‍बोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित स्कूल में आने वाली बालिका कैडेट देश की रक्षा में अपना योगदान देंगी और राष्ट्र निर्माण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां बंधनों को तोड़ रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर देश को गौरवान्वित कर रही हैं।

सैन्य स्कूल विद्यार्थियों और भविष्य के कैडेटों को समग्र शिक्षा प्रदान करना जारी रखेगा

राष्ट्रपति ने कहा कि सैन्य स्कूल विद्यार्थियों और भविष्य के कैडेटों को समग्र शिक्षा प्रदान करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ये स्‍कूल विद्यार्थियों और कैडेटों को उच्च नैतिक मूल्यों वाले नेताओं के रूप में विकसित करेंगे जो भारत को एक मजबूत तथा अग्रणी राष्ट्र के रूप में आगे ले जाएगा।
राष्‍ट्रपति ने फील्ड मार्शल के एम करियप्पा और कर्नाटक के निवासी जनरल थिमय्या को भी याद किया।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और अन्य गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित थे।