देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। देश में बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने की दिशा में कुछ दिनों पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कदम
इसके तहत मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय ने बचपन की डायबिटीज की जांच, उपचार और दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए पहली बार एक ‘नेशनल डायबिटीज फ्रेमवर्क’ (National Diabetes Framework) जारी किया है। यह देश में इस बीमारी के लिए तैयार किया गया पहला संरचित और मानकीकृत दिशा-निर्देश है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब देश में जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के सभी बच्चों की यूनिवर्सल स्क्रीनिंग (सार्वभौमिक जांच) सुनिश्चित की जाएगी। बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ने के लिए स्कूलों और मोहल्लों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाए जाएंगे। संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत ब्लड शुगर की जांच की जाएगी और पुष्टि होने पर बच्चे को उपचार के लिए जिला स्तरीय केंद्रों पर भेजा जाएगा।
मिलेगा निशुल्क उपचार
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने इस फ्रेमवर्क को एक मुफ्त स्वास्थ्य सेवा पैकेज के रूप में पेश किया है, जिससे परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ खत्म होगा। सभी पुष्टिकरण और नियमित टेस्ट पूरी तरह मुफ्त होंगे। मरीजों को ताउम्र आवश्यक इंसुलिन थेरेपी, ग्लूकोमीटर और टेस्ट स्ट्रिप्स बिना किसी शुल्क के प्रदान की जाएंगी। बच्चों की आजीवन देखभाल के लिए एक व्यवस्थित फॉलो-अप सिस्टम तैयार किया गया है।