अल्मोड़ा: अल्मोड़ा नगर निगम परिसर में “अल्मोड़ा महिला समूह सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विशेष अभियान” के तहत एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक का आयोजन
इस बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) गंगा बिष्ट ने की। कार्यक्रम का संचालन सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह भंडारी द्वारा किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM)’ के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देना था।
बैठक के दौरान राज्य मंत्री गंगा बिष्ट ने महिला स्वयं सहायता समूहों की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं से गहन चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं की पहचान की और अधिकारियों को इनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं अपनी आजीविका में सुधार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
विभिन्न विभागों ने दी योजनाओं की जानकारी
• पर्यटन विभाग: पर्यटन विभाग से नीरज सिंह ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना, होम स्टे पंजीकरण प्रक्रिया और दीनदयाल गृह आवास योजना की जानकारी दी।
• जिला उद्योग केंद्र: शुभम सिंह तोमर ने ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0’ के तहत मैन्युफैक्चरिंग, बेकरी, सिलाई, सर्विस सेंटर और रेडीमेड गारमेंट्स जैसी गतिविधियों की जानकारी साझा की।
• उद्यान विभाग: उद्यान विभाग से पी०डी०ओ० व श्रीमती कंचन शाही ने मशरूम ट्रेनिंग, फूड प्रोसेसिंग, पीएमएफएमई स्कीम और वाटर हार्वेस्टिंग योजनाओं से लाभ उठाने के तरीके बताए।
• बैंकिंग एवं वित्तीय सहायता: लीड बैंक प्रबंधक अनिरुद्ध साह ने समूहों के बैंक लिंकेज, आरसेटी (RSETI) प्रशिक्षण और सीसीएल (CCL) लिमिट आदि बैंकिंग सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
समस्याओं के समाधान की पहल
महापौर अजय वर्मा ने कहा कि केवल योजनाओं की जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि महिलाओं को रोजगार में आ रही व्यावहारिक समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान करना जरूरी है। वहीं, नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
रहीं उपस्थित
इस अवसर पर नगर निगम का कार्यदायी स्टाफ, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों एवं स्वच्छता सहकारिता की सदस्य महिलाएं उपस्थित रहीं।