नैनीताल हाईकोर्ट की हल्द्वानी शिफ्टिंग ने पकड़ी रफ्तार, 30 जजों और 50 सालों की जरूरतों के संग तैयार होगा नया परिसर

उत्तराखंड: उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने की कवायद तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शासन और जिला प्रशासन ने इस दिशा में कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी है।

कवायद‌ तेज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नई योजना के तहत हाईकोर्ट परिसर को केवल वर्तमान 11 जजों तक सीमित रखने के बजाय, अगले 50 वर्षों की न्यायिक आवश्यकताओं और 30 जजों की क्षमता को ध्यान में रखकर भव्य रूप में विकसित करने की तैयारी है। नए हाईकोर्ट परिसर को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
• ​30 जजों तक विस्तार योग्य मुख्य कोर्ट भवन
• ​अत्याधुनिक ई-कोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड सेंटर
• ​हजारों अधिवक्ताओं के लिए बार भवन व आधुनिक चैंबर
• ​मल्टीलेवल पार्किंग, कॉन्फ्रेंस हॉल और भव्य ऑडिटोरियम
• ​जजों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर
• ​मेडिएशन सेंटर, लीगल एड सेंटर, बैंक, डाकघर और कैंटीन
• ​हाई-सिक्योरिटी कंट्रोल रूम और चौड़ी आंतरिक सड़कें

40 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित

​वर्ष 2024 में पहले गौलापार में 20.8 हेक्टेयर भूमि पर 17 जजों की क्षमता वाला परिसर प्रस्तावित किया गया था। लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अब नए स्थल का चयन किया गया है। जो तराई पूर्वी वन प्रभाग के भाखड़ा रेंज, लामाचौड़ ब्लॉक स्थित बेलबाबा मंदिर के पास है। नैनीताल जिला प्रशासन ने 14 मई 2026 को शासन को भेजे प्रस्ताव में कुल 73 हेक्टेयर वन भूमि में से 40 हेक्टेयर क्षेत्र को सबसे उपयुक्त बताया है। यह स्थल राज्य मार्ग-5 से सीधे जुड़ा होने के कारण पहुंच, यातायात और आधारभूत सुविधाओं के लिहाज से बेहद मुफीद माना जा रहा है।

कहीं यह बात

“नैनीताल हाईकोर्ट को स्थानांतरित करने संबंधी प्रस्ताव न्याय विभाग की ओर से जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इस दिशा में कार्यवाही तेजी से गतिमान है और शीघ्र ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन