July 1, 2022

दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद में शीर्ष सुरक्षा प्रमुखों का अफगानिस्तान को आतंकवाद की शरणस्थली नहीं बनने देने का संकल्प

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अफगानिस्तान पर दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद कल नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। भारत, रूस, ईरान और पांच मध्य एशियाई देशों के शीर्ष सुरक्षा प्रमुखों ने अफगानिस्तान को आतंकवाद की शरणस्थली नहीं बनने देने का संकल्प लिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सहमति से संयुक्त दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया। सभी प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श की इस प्रक्रिया को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
अफगानिस्तान की स्थिति और प्रमुख चुनौतियों पर सभी प्रतिभागियों ने समान राय व्यक्त की। वहां आतंकवाद के बढ़ते जोखिम और मानवीय संकट पर मुख्य रूप से विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने अफगानिस्तान में मानवीय सहायता उपलब्ध कराये जाने की बाधाएं दूर करने पर बल दिया।  

द्विपक्षीय बैठक भी की

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजित डोभाल ने रूस, कजाख्स्तान और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की जिसमें अफगानिस्तान की स्थिति के अलावा द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श हुआ। रूस के साथ बैठक में रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। कजाख्स्तान के साथ बैठक में व्यापार मार्ग और संपर्क बढ़ाने और इस दिशा में किये गए प्रयासों की समीक्षा की गई। ईरान के साथ बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और संबंधों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। ईरान इस प्रारूप में पहली की दो बैठकों की मेजबानी कर चुका है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।


आभार व्यक्त किया

सभी प्रतिभागियों ने संवाद सत्र सम्पन्न होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लेने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।