उत्तराखंड: युवाओं के चहेते, पुलिसिंग में सख्त और जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील, बनभूलपुरा से विजिलेंस तक दिखाया दम


उत्तराखंड: उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) में डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस एंड कोऑर्डिनेशन) के पद पर नियुक्त किया गया है।

इस पद पर नियुक्ति

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की नॉन-सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत उन्हें 5 साल की प्रतिनियुक्ति दी गई है। गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार को पत्र जारी कर उन्हें नई दिल्ली मुख्यालय में पदभार ग्रहण करने के लिए तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में तैनाती के साथ IPS मीणा देशभर में सक्रिय वन्यजीव तस्करी और संगठित अपराध नेटवर्क पर नकेल कसेंगे।

मुख्य जिम्मेदारियों में शामिल

• ​खुफिया सूचनाएं: वन्यजीव अपराध से जुड़ी इंटेलिजेंस का संकलन और विश्लेषण।
• ​अंतर-एजेंसी समन्वय: विभिन्न राज्यों की पुलिस, वन विभाग और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल।
• ​रणनीतिक कार्रवाई: अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करना।

उत्तराखंड में रहा चर्चित कार्यकाल

कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और विजिलेंस में IPS प्रहलाद नारायण मीणा का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद प्रभावी रहा है।
• ​बनभूलपुरा हिंसा (फरवरी 2024): नैनीताल SSP रहते हुए 8 फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में उपद्रव, पथराव और आगजनी के दौरान उन्होंने खुद मोर्चे पर रहकर स्थिति को नियंत्रित किया।
• ​भ्रष्टाचार पर नकेल: विजिलेंस SP रहते हुए 20 महीनों में PCS अधिकारी समेत 11 सरकारी कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ी ट्रैप कार्रवाई की।
• ​ऑपरेशन रोमियो: नैनीताल में महिलाओं की सुरक्षा और अराजक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया।
• ​साहसिक पहचान: भारतीय वायुसेना के सहयोग से 5,000 फीट की ऊंचाई से 5 बार पैरा जंपिंग कर अपनी साहसिक क्षमता का प्रदर्शन किया।