उत्तराखंड: बदरीनाथ धाम चढ़ावा मामला: षड्यंत्र की आशंका के बीच मंदिर समिति ने गठित की चार सदस्यीय जांच कमेटी, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे (दान) में चोरी और हेराफेरी के आरोपों के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

जांच के आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साथ‌ हीआरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। दरअसल यहां दो दिन पूर्व ‘भैरव सेना’ ने मंदिर समिति प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया था। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने जांच कमेटी के गठन की पुष्टि की है। कमेटी में बीकेटीसी के विधि अधिकारी शीशपाल बर्तवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र नैथानी, वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल और केदारनाथ मंदिर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डबल सिंह भुजवाण को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, मामले से जुड़े वैयक्तिक सहायक सहित चार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस पूरे प्रकरण को एक “सुनियोजित षड्यंत्र” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तीर्थ पुरोहितों ने जताई चिंता

इस मामले ने उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत को भी चिंतित कर दिया है। महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल और महासचिव डॉ. बृजेश सती ने कहा कि इस तरह के आरोपों से मंदिर समिति की छवि और श्रद्धालुओं की आस्था पर असर पड़ रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है‌। कहा कि रिपोर्ट को जल्द सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

जानेंकैसे होती है चढ़ावे की सुरक्षा

बदरीनाथ मंदिर में कुल पांच दानपात्र रखे गए हैं—दो गर्भगृह में और तीन बाहर। मंदिर समिति के अनुसार, जब दानपात्र भर जाते हैं, तो निर्धारित कर्मचारी उन्हें मंदिर के पीछे बने एक सुरक्षित कमरे में गिनती के लिए ले जाते हैं। यह कमरा परिक्रमा पथ के पास है और बाहर से जाली लगी है, जिससे गिनती की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकती है। कमरे के अंदर केवल मंदिर के कर्मचारी होते हैं, जो अंदर से ताला लगाकर गणना करते हैं, जबकि बाहर पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।