उत्तराखंड: प्रदेश में साइबर सुरक्षा होगी और मजबूत, स्टेट साइबर कमांड सेंटर में बनेंगे तीन नए सेल, ई-एफआईआर को मिलेगी प्राथमिकता

उत्तराखंड: उत्तराखंड में बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने पहल की है। साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने ‘स्टेट साइबर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ का विस्तार करने का निर्णय लिया है।

तीन विशेष सेल का गठन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।‌साइबर अपराधों की शिकायतों के त्वरित समाधान और पीड़ितों को राहत पहुँचाने के लिए कमांड सेंटर के अंतर्गत तीन विशेष सेल का गठन किया जाएगा।
• ​ग्रीवांस सेल (शिकायत निवारण कक्ष): यह सेल साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों के पंजीकरण, उनकी निरंतर निगरानी और समयबद्ध समाधान पर ध्यान केंद्रित करेगा।
• ​अमाउंट रिकवरी सेल: इसका प्राथमिक कार्य साइबर ठगी के मामलों में ठगी गई धनराशि को तुरंत फ्रीज करना और उसे पीड़ितों के खातों में वापस दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाना होगा।
• ​इन्वेस्टीगेशन सेल: यह सेल पुलिस इकाइयों को तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।

बढ़ाई जाएगी ‘साइबर कमांडो’ की संख्या

राज्य में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए मानव संसाधन को भी मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में केवल पाँच साइबर कमांडो तैनात हैं। सरकार अब इनकी संख्या में भारी वृद्धि करने की तैयारी कर रही है। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब पुलिस थानों में ई-एफआईआर (e-FIR) को प्राथमिकता के साथ दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे प्रक्रिया में सरलता आएगी और पीड़ितों को न्याय मिलने में लगने वाला समय कम होगा।