उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक खास कदम उठाया है।
सरकार का खास कदम
इसके तहत प्रदेश में अब औपचारिक रूप से ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’ लागू कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नए कानून के तहत अब राज्य के प्रत्येक परिवार को एक युकिक फैमिली आईडी प्रदान की जाएगी, जो उस परिवार की डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों का एक एकीकृत और सत्यापित डेटाबेस तैयार करना है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और बिचौलियों के सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया जा सके। ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’ की सबसे खास और सराहनीय बात यह है कि इसमें परिवार की पहचान और नेतृत्व में महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नए नियमों के अनुसार, परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला को ही ‘परिवार का मुखिया’ माना जाएगा।
यूनिक फैमिली आईडी
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत मिलने वाली विशिष्ट पहचान संख्या में परिवार के सभी सदस्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण और आवश्यक जानकारियां दर्ज होंगी, जिनमें शामिल हैं।
• सदस्यों के नाम और आयु
• पहचान व जनसांख्यिकीय विवरण
• सामाजिक और आर्थिक स्थिति
• शिक्षा और रोजगार का स्तर