उत्तराखंड: (उत्तरकाशी): उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा जारी है। वहीं चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को अधिक सुगम, सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई व सराहनीय पहल शुरू की है।
शुरू की खास पहल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में प्रमुख यात्रा मार्गों पर स्थित पुराने एवं जर्जर यात्री प्रतीक्षालयों का कायाकल्प कर उन्हें आधुनिक सेल्फी प्वाइंट, व्यू प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें इस विशेष कार्ययोजना के तहत चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम और धरासू बैंड से जानकीचट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित जर्जर विश्रामालयों को नया और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित इन स्थलों पर यात्री न केवल विश्राम कर सकेंगे, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और खूबसूरत हिमालयी दृश्यों का भी आनंद ले सकेंगे।
14 निर्माण कार्यों के लिए इतने लाख रुपए स्वीकृत
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मदन मोहन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में कुल 31.32 लाख रुपए की लागत से 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।इसके तहत हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम (दो स्थान), यमुनोत्री यात्रा मार्ग (दो स्थान), लाखामंडल यात्रा मार्ग, पुरोला और मोरी जैसे प्रमुख स्थलों पर व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट और पथ प्रदर्शक स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं। बताया कि प्रस्तावित 14 स्थलों में से 10 का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। वहीं, हीना पार्किंग में सेल्फी प्वाइंट, डबरानी में पथ प्रदर्शक स्तंभ, पुरोला में व्यू व सेल्फी प्वाइंट और मोरी में यात्रा मार्ग पुनरुद्धार का काम अंतिम चरण में है। शेष बचे कार्यों को इसी माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।