उत्तराखंड: भारत की “पैड वुमन” अंजू बिष्ट की पहल: गांव की महिलाओं तक पंहुचाए जाएंगे रियूजेबल पैड्स, खास और सुरक्षित है यह पैड्स

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के देहरादून में बीते गुरूवार को एक बैठक आयोजित हुई।

भारत की “पैड वुमन”

जिसमें सौख्यम रियूजेबल पैड्स की मैनेजिंग डायरेक्टर अंजू बिष्ट शामिल हुई। अंजू को भारत की “पैड वुमन” के नाम से भी जाना जाता है। इस बैठक में उन्होंने उत्तराखंड में सस्टेनेबल मासिक धर्म स्वच्छता की आवश्यकता पर जोर दिया।

सौख्यम रियूजेबल पैड्स को वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड से किया सम्मानित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने विशेष रूप से केले के रेशे से निर्मित अत्याधुनिक सौख्यम रीयूजेबल पैड के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। साथ ही बताया कि उन्होंने सौख्यम की शुरुआत की ताकि लड़कियों और महिलाओं के पास एक सुरक्षित उत्पाद हो जो प्रदूषण न फैलाता हो।पिछले साल सौख्यम रियूजेबल पैड्स को नीति आयोग से वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड मिला था। इस साल वार्षिक मासिक धर्म स्वच्छता सम्मेलन में, इसे मासिक धर्म स्वच्छता पर सर्वश्रेष्ठ सामाजिक पहल का पुरस्कार दिया गया था।

जागरूकता के लिए चलाया जा रहा अभियान

जागरूकता फैलाने और सस्टेनेबल मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए, सौख्यम उन्नत भारत अभियान के सहयोग से, पूरे उत्तराखंड के कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है। तीन साल तक चलने वाले सौख्यम रीयूजेबल पैड ने 500,000 से अधिक महिलाओं और लड़कियों के बीच लोकप्रियता हासिल की है। प्रवीण बिस्ट, अमृता हॉस्पिटल के सी आई ओ, ने कहा, “आईआईटी रूड़की के साथ सौख्यम टीम ने उनके गोद लिए हुए गांव की 3000 महिलाओं तक रियूजेबल पैड्स पहुंचाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की रूप रेखा तैयार की है।