उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल तहसील के एकेश्वर ब्लॉक के चमेली गांव में एक ऐसा मंदिर बना हुआ है। जिसे एक पिता ने अपने बेटे के नाम पर बनवाया है।
कारगिल युद्ध में हुए थे शहीद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एकेश्वर ब्लॉक के चमेली गांव निवासी बलवीर सिंह कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। वह 17 दिसंबर 1995 को फौज में भर्ती हुए। 22 जनवरी 1999 को बलबीर की शादी हुई और चार महीने बाद ही कारगिल युद्ध में ऑपरेशन विजय के दौरान 10 मई 1999 को द्रास सेक्टर में दुश्मन से मोर्चा लेते हुए शहादत दी। जिसमें परिवार को बेटे का पार्थिव शरीर तक नहीं मिला। परिवार को अंतिम निशानी के तौर पर उन्हें सिर्फ राख मिली। जिसके बाद पिता ने अपने बेटे की यादों में गांव में ही मंदिर बनवाया। जिसके बाद यहां हर साल शहीद की याद में 10 मई को गांव में शहीद की याद में मेले का भी लगाया जाता है।