उत्तराखंड: केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना ने पकड़ी रफ्तार: यह सर्वे पूरा, अब अलाइनमेंट पर लगेगी फाइनल मुहर


उत्तराखंड: उत्तराखंड के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों—बाबा केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए बहुप्रतीक्षित रोपवे परियोजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है।

प्रगति रिपोर्ट साझा की

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते दिनों सोमवार को सचिवालय में ‘उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड’ (URDL) के निदेशक मंडल की दूसरी बैठक में आयोजित हुई। जिसमें ‘नेशनल हाइवेज लाजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड’ के अधिकारियों ने इन प्रोजेक्ट्स की ताजा प्रगति रिपोर्ट साझा की। इस बैठक में यह साफ हुआ कि सोनप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ धाम तक के रूट का अलाइनमेंट तैयार कर लिया गया है, जिस पर जून 2026 में फाइनल मुहर लगा दी जाएगी।

​केदारनाथ रोपवे

​केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए तकनीकी स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। इस हवाई सर्वे और वीडियोग्राफी का काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशन के निर्माण के लिए मिट्टी व चट्टानों का जियो-टेक्निकल परीक्षण पूरा हो गया है। बाकी रूट के लिए भी कंपनी ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही केदारनाथ तक का सबसे सुरक्षित रास्ता (रूट) तलाशने के लिए यह सर्वे भी पूरा किया जा चुका है। कंटेनरों के साथ देहरादून से सोनप्रयाग तक लॉजिस्टिक्स का ड्राय रन (प्रायोगिक परीक्षण) सफलतापूर्वक कर लिया गया है। साथ ही हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि सर्वेक्षण का काम लगातार जारी है।

परियोजना
वर्तमान स्थिति / पैदल मार्ग
रोपवे से लगने वाला समय

केदारनाथ रोपवे
13 किमी लंबा कठिन पैदल रास्ता
30 से 40 मिनट

हेमकुंड साहिब रोपवे
घंटों की खड़ी चढ़ाई
लगभग 45 मिनट