पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ट नेता हरीश रावत हल्द्वानी के बनभूलपुरा के लोगों के समर्थन में देहरादून में अपने आवास पर एक घंटे का मौन उपवास पर बैठे। यह कहते हुए कि मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सामने हैं, उन्होंने कहा, “हम न्याय के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि लोगों के घरों को कुछ नहीं होगा।” हरीश रावत ने आगे कहा कि मौन उपवास के माध्यम से वह राज्य के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हैं।
मेरा एक घंटे का मौन उपवास मुख्यमंत्री को समर्पित है
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री राज्य के हैं। मेरा एक घंटे का मौन उपवास मुख्यमंत्री को समर्पित है।” उत्तराखंड को आध्यात्मिक राज्य बताते हुए उन्होंने कहा, “अगर 50,000 55,000 लोग जिनमें बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बूढ़े और महिलाएं शामिल है, को अपना घर खाली करने और सड़कों पर निकलने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह बहुत दुखद दृश्य होगा।”
हाईकोर्ट के आदेश का विरोध प्रदर्शन
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी बहुत मेहनत कर रहे है। कड़ाके की ठंड में वे लाखों समर्थकों के साथ सड़कों पर है। वह प्यार और शांति का संदेश फैला रहे है। मैं उनके प्रयासों को सलाम करता हूँ।” हल्द्वानी में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
उत्तराखंड : ‘मेरा एक घंटे का मौन उपवास मुख्यमंत्री को समर्पित’ – पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत …रावत ने बनभूलपुरा के लोगों के समर्थन में देहरादून में अपने आवास पर रखा एक घंटे का मौन उपवास