आज दिनांक 15.10.2022 को हाईकोर्ट बार एसोशिएसन नैनीताल के हॉल में हाईकोर्ट को नैनीताल से अन्यत्र शिफ्ट न करने व नैनीताल में जरूरी जनसुविधाओं व नैनीताल के विकास के लिये हाईकोर्ट बार एसोशिएसन के उपाध्यक्ष प्रशान्त जोशी की अध्यक्षता में एक सभा आहूत की गयी!
हाईकोर्ट की अन्यत्र शिफ्ट करना बेईमानी-
जिसमें वरिष्ट अधिवक्ता पुष्पा जोशी ने कहा कि नैनीताल में स्थाई हाईकोर्ट की स्थापना नैनीताल जिला बार द्वारा 44 दिन तक लगातार आन्दोलन करने व जनता के मांग पर हुई और नैनीताल हाईकोर्ट में जनता का अरबों रूपया खर्च हो चुका है, इसलिए हाईकोर्ट को अन्यत्र शिफ्ट करना बेईमानी है और ऐसी साजिश के पीछे हमेशा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफिया होते हैं।
राजभवन की जमीन को हाईकोर्ट व नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसियेशन को किया जाए हस्तान्तरित-
वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व सांसद महेन्द्र सिंह पाल द्वारा कहा गया कि नैनीताल हाईकोर्ट एक स्थाई हाईकोर्ट हैं। सरकार को स्थाई राजधानी के बारे में बात करनी चाहिये। भ्रष्ट नेताओं एवं ऑफिसर देवभूमि को कलंकित कर भ्रष्टाचार भूमि बनाने में तुले हुये हैं और सरकार से हमारी मांग है कि नैनीताल में सैकड़ों एकड़ में राजभवन स्थित है और हमारे पहाड़ी राज्य को दो-दो राजभवनों की आवश्यकता नहीं है! इसमें जनता का अत्यधिक रुपया खर्च हो रहा है। राजभवन की जमीन को हाईकोर्ट व नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसियेशन को हस्तान्तरित की जाये। युवा अधिवक्ता विनायक पन्त ने कहा सरकार हमेशा पलायन की बात करती है और पौड़ी में स्थित पलायन आयोग भी देहरादून पलायन कर चुका है और नैनीताल हाईकोर्ट को भी पलायन कराने की कोशिश की जा रही है! अधिवक्ता रमन साह ने कहा तथाकथित पहाड़ विरोधी अधिवक्ताओं ने उत्तराखण्ड बनने से पहले उत्तराखण्ड का हाईकोर्ट भी इलाहाबाद में ही रखने की मांग की थी वही लोग आज नैनीताल से हाईकोर्ट शिफ्ट की मांग कर रहे हैं! अधिवक्ता एम.सी. पन्त द्वारा कहा गया कि मोदी ऑल वेदर रोड़, चारधाम रोड को ड्रिम प्रोजेक्ट के रूप में रख रहे हैं! नैनीताल हाईकोर्ट को भी पहाड़ पर एक ड्रिम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाये और इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से मांग की जाती है कि इस सम्बन्ध में जनता को बताये! सयद नदीम ने कहा की पहाड़ से बढ़ता पलायन राष्ट्र की सुरक्षा के लिये खतरा है इसलिये नैनीताल हाईकोर्ट व अन्य राजकीय संस्थान पहाड़ी जिलों में ही स्थापित किये जाये। पत्रकार संजीव पन्त ने जो कि उत्तराखण्ड में न्यूज पोर्टल के अध्यक्ष भी हैं! उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जनता के पैसों की लूट चल रही है! उत्तराखण्ड में तीसरा विधान सभा भवन बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है और निर्माण कार्य केवल कमिशन का धन्धा बन चुका है! भ्रष्ट नेताओं का नारा है पहाड़ हमारा है पहाड़ी नहीं! उन्होंने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट के शिफ्टिंग के खिलाफ हम जनसमर्थन जुटाने के लिये तैयार है।
नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने का विरोध-
पत्रकार आशुतोष नेगी द्वारा कहा गया कि सरकार अंकिता भण्डारी केस में भी अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही है और स्थायी नैनीताल हाईकोर्ट का पलायन करने की बात करना नैनीताल को भी पौड़ी बनाने की तैयारी चल रही है! अधिवक्ता भुवन जोशी द्वारा कहा गया कि कोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के विरुद्ध हम जिला बार एसोसियेशन नैनीताल के साथ हैं और हम इस शिफ्टिंग का विरोध करते हैं! अधिवक्ता नयनीश नेगी द्वारा कहा गया कि नैनीताल हाईकोर्ट को शिफ्ट करना पहाड़ की अस्मिता पर कुठाराघात है (जो डलहौजी न कर सका वो ये हुकमरान कर देंगे, इन्हें कमिशन दो ये कुछ भी कर देंगे)
यह लोग रहें मौजूद-
इस सभा में उपस्थित एम0एस0 भण्डारी, प्रेम कौशल, दर्शन बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष एम०सी० पन्त, सैयद नदीम व पूर्व सांसद व बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र सिंह पाल ने अपनी बातें रखी। सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने एकमत होकर राय रखी कि हाईकोर्ट को किसी भी स्थिति में नैनीताल से शिफ्ट नहीं करने दिया जायेगा। सभा में विजयलक्ष्मी फर्तयाल नवनीश नेगी, भुवन कुमार, निरंजन भट्ट, बिजयन्त पंत, डी०के० जोशी, सूरज पाण्डे, बी०एस०कोरंगा, शैलेन्द्र नौरियाल, शिवानन्द भट्ट, राजीव शर्मा, एम०एस० भण्डारी के०के० तिवारी, क्षितिज कौशिक, महावीर कोहली, हिमांशु असवाल, अपूर्व चौहान, त्रिलोचन पाण्डे, एन०के० पपनोई, कैलाश चन्द्र तिवारी, जयवर्धन काण्डपाल, सुहास रतन जोशी, भुवनेश जोशी, योगेश पचौलिया, बी०एस०रावत, प्रेम कौशल विकास सिंह यादव, रवि सहगल, मनोज कुमार, अविदित नौलियाल, पंकज सिंह चौहान व अन्य कई अधिवक्ता मौजूद रहे।