उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अब केवल सामान्य कार्रवाई नहीं होगी। इसके लिए अब तकनीक का सहारा लेकर अवैध कारोबार के हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे।
चलेगा जागरूकता अभियान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत जिले के नशा प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जाएगी, जिससे पुलिस इन इलाकों पर 24 घंटे सीधी और प्रभावी निगरानी रख सके। बीते दिनों यह निर्णय जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों पर आयोजित जिला स्तरीय एनकार्ड (NCORD) समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। एडीएम स्मृता परमार ने आबकारी और पुलिस विभाग को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।