उत्तराखंड: लखवाड़ बांध परियोजना क्षेत्र में लागू हुई निषेधाज्ञा, इतने महीने तक प्रदर्शन और नारेबाजी पर रोक

नैनबाग (टिहरी): लखवाड़ बांध बहुउद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा (धारा 144/प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू कर दी है।

लागू रहेगी निषेधाज्ञा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उपजिला मजिस्ट्रेट धनोल्टी, नीलू चावला द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। यह आदेश आगामी छह माह तक प्रभावी रहेगा। यह जरूरी कदम परियोजना क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों और संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस, मार्ग अवरोध और कार्यस्थलों पर अनधिकृत प्रवेश की आशंकाओं को देखते हुए उठाया गया है। जिसमें प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लखवाड़ परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा बिना सक्षम अनुमति के धरना-प्रदर्शन, जुलूस निकालने और नारेबाजी करने पर रोक रहेगी। क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या कोई भी आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।परियोजना स्थल, कार्यालय, आवासीय परिसर और निर्माण क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनधिकृत प्रवेश वर्जित होगा।


​ग्रामीणों को आवाजाही की छूट

​साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय ग्रामीणों को उनके घरों तक आने-जाने और कृषि कार्यों के लिए शांतिपूर्ण आवाजाही की छूट रहेगी, लेकिन उन्हें प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों और शर्तों का पालन करना होगा। इसके साथ ही, परियोजना की मशीनरी, वाहनों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कर्मचारियों के काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।