उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए है। इस मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
रूद्रनाथ धाम के कपाट बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज शुक्रवार को सुबह धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गये है। इस संबंध में रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो गई थी। सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। साढ़े सात बजे डोली ने रुद्रनाथ से प्रस्थान किया। पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी। वहां भगवान को राजभोग लगेगा (नए अनाजों का भोग)। वहां से डोली सगर गांव पहुंचेगी। यहां पर भी नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। सूर्यास्त होने से पहले डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी और यहां भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी।